उदयपुर। शहर के उच्च माध्यमिक विद्यालय भूपालपुरा की प्रिंसिपल इंदु के. जैन द्वारा पूज्य एवं देव तुल्य पीपल के वृक्ष एवं नीम एवं शहतूत के वृक्ष को कटवाया गया (सनातन संस्कृति में पीपल को तो काटा भी नहीं जाता है)। ये किसके आदेश से कटवाए गए ये जांच का विषय है। राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रदेश महामंत्री डॉ भेरू सिंह राठौड़ एवं जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह झाला उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है अगर जांच दवाब में की गई है तो संगठन जिला कलेक्टर से जांच कराएगा। एक तरफ तो शिक्षा मंत्री विद्यालयो में अधिकाधिक पेड़ो को लगाने की बात प्रत्येक सभा में कर रहे है और दूसरी तरफ ऐसी प्रिंसिपल अपनी हतधर्मिता कर रही है जो सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगे पेड शारीरिक शिक्षक के चार्ज में होता हे उनके संज्ञान में लिया गया था या नहीं। शायद नहीं, तभी शारीरिक शिक्षक ने विरोध किया। कल कोई पूछता या जांच होती हे तो शारीरिक शिक्षक ही फसेगा तो उनका विरोध करना कहां गलत हुआ। उन्होंने बताया कि बच्चों को खेल प्रतियोगिता में राज्य में कहीं भी लेकर जाते हैं तो शारीरिक शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से ले कर जाते हे सरकार की तरफ से रेलगाड़ी या रोडवेज का किराया दिया जाता है पर विशेष परिस्थिति में जहां रोडवेज या रेल गाड़ी नहीं जाती है वहां प्राइवेट बस ले जाना पड़ता है। सरकार की तरफ से 150 रुपए खाने का दिया जाता है जिसका संघ बार-बार विरोध कर रहा है। डेढ़ सौ रुपए में पूरे दिन का खाना नाश्ता चाय पानी कैसे होता है तो जन सहयोग से कुछ राशि करनी पड़ती है। बच्चों को भूखा प्यासा तो नहीं रख सकते हैं। यह प्रिंसिपल को समझना चाहिए और छोटी बातों को विवाद नहीं बनना चाहिए था। बच्चों के लिए सहयोग करना चाहिए।
विद्यालय परिसर में पूजनीय पीपल वृक्ष कटवाने की हो जांच
