सांसद डॉ रावत ने प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने देश भर में रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाने का सुझाव संसद में दिया

-संसद में नियम 377 के अधीन प्लास्टिक प्रदूषण का मामला रखा
उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने गुरुवार को संसद में देशभर में प्लास्टिक कचरे से हो रहे प्रदूषण की समस्या को उठाया और इसके निस्तारण के लिए सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक स्तर पर रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाने का सुझाव दिया।
सांसद डॉ रावत ने संसद में नियम 377 के अधीन मामला रखते हुए कहा कि देश में प्लास्टिक कचरे की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है, जो पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए नवीन विधान व तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। सांसद डॉ रावत ने कहा कि इस संदर्भ में रिवर्स वेंडिंग मशीन एक अत्यंत उपयोगी एवं आधुनिक व्यवस्था के रूप में उभरकर आई है। इसके माध्यम से नागरिक उपयोग की गई प्लास्टिक बोतलों को मशीन में जमा करते हैं और बदले में उन्हें कीमत की आधी तक धनराशि, कूपन या रिवार्ड प्राप्त होता है. जिससे रीसाइक्लिंग के प्रति जन प्रोत्साहन मिलता है। वर्तमान में देश के कुछ रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों, मॉल एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर इन मशीनों की स्थापना की गई है। इनका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकना तथा रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। यह वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा को भी साकार करता है। सांसद डॉ रावत ने सुझाव दिया कि देशभर में रिवर्स वेंडिंग मशीनों का व्यापक विस्तार किया जाए तथा नागरिकों को इनके उपयोग पर रिवार्ड या उत्पाद के टैक्स में छूट का प्रोत्साहन प्रदान किया जाए, जिससे प्लास्टिक कचरे के सुनियोजित निस्तारण एवं रिसायकलिंग में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत मिशन को सशक्त बनाएगी।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!