उदयपुर। उदयपुर लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायत समितियों एवं नव गठित पंचायत समितियों में नवीन एकलव्य मॉडल आवासिय विद्यालय खोले जाने को लेकर सांसद मन्नालाल रावत द्वारा राज्य सरकार को किए गए आग्रह पर सरकार ने संभाग के 5 जिलों के 39 जगहों पर एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
आयुक्त जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग एवं पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेन्सियल सोसायटी की ओर से राष्टीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आयुक्त को पत्र लिखकर बताया कि राजस्थान प्रदेश जो कि एक आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है, में 31 एकलब्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्वीकृत होकर संचालित है। इसके बाद राजस्थान सरकार की अधिसूचना से अधिसूचित अनुसूचित आदिवासी क्षेत्र का पुनर्गठन करते हुए नवीन अनुसूचित क्षेत्र का निर्धारण किया गया है। इसको देखते हुए नवीन पुनर्गठित या नवसृजित विकास खंडां में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खोला जाना प्रस्तावित है। प्रस्ताव में उदयपुर जिले में पंचायत समिति नयागांव, सायरा, फलासिया, गिर्वा, कुराबड, सुलाव,नाई, ओगणा व देवला, सलूंबर जिले में सेमारी, झल्लारा, जयसमंद व गींगला, बांसवाडा जिले में गांगडतलाई, छोटी सरवन, सज्जनगढ, घाटोल, तलवाडा, अरथूना, घनोडा, छोटी सर्वा, नाहरपुरा, सरेडी बडी व डूंगरा छोटा, डूंगरपुर जिले में बिच्छीवाडा, झोथरी, चिखली, सागवाडा, आसपुर, दोवडा, गमेडी अहाडा, पाल देवल, पडवा व भंडारी तथा प्रतापगढ जिले में छोटी सदरी, दालोत, सुहागपुरा व धतोतर पंचायत समिति में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव दिया है।
पत्र में बताया गया कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासी छात्र-छात्रा जो कि शिक्षा के में अत्यंत पिछड़े हुए हैं, को शिक्षा के सर्वोत्तम अवसर उपलब्ध कराने के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाना अत्यन्त आवश्यक है, इसलिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहानुभूति पूर्वक विचार करें।
सांसद डॉ रावत के आग्रह पर संभाग के 5 जिलों में 39 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
