नववर्ष महोत्सवः शस्त्र पूजन, कन्या पूजन और ’दशावतार’ नृत्य नाटिका के साथ संपन्न हुआ भव्य ’सशस्त्र गरबा’

उदयपुर 27 मार्च। नववर्ष विक्रम संवत के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत, रामनवमी के पावन पर्व पर हिरण मगरी क्षेत्र में शौर्य, शक्ति और भक्ति का ऐतिहासिक समागम आयोजित किया गया। आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक वैभव के साथ-साथ पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन और साहसिक नृत्य नाटिकाओं ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक एवं साहसिक प्रस्तुतियाँः
समारोह का शुभारंभ सनातन परंपरा के अनुसार विधि-विधान से कन्या पूजन एवं सामूहिक शस्त्र पूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ’दशावतार’ नृत्य नाटिका रही, जिसमें भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों का मनमोहक चित्रण किया गया। इसके साथ ही, ’महिषासुर मर्दिनी’ नाटिका के माध्यम से माँ दुर्गा के साहसिक स्वरूप और महिषासुर वध का जीवंत मंचन किया गया, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया। युवाओं द्वारा प्रस्तुत अखाड़ा प्रदर्शन और पारंपरिक शस्त्र संचालन के हैरतअंगेज करतबों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
अतिथियों का गरिमामयी सानिध्यः
इस अवसर पर मंगलेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी श्री अर्जुन लाला जी शर्मा का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथियों में ’आओ मंदिर चलें’ अभियान के संयोजक एवं प्रसिद्ध चित्रकार श्री पुष्कर लोहार, उपभोक्ता संरक्षण मंच के न्यायाधीश श्री भारत भूषण ओझा, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के व्याख्याता एवं वरिष्ठ पत्रकार, तथा भवानी प्रसाद झाला उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रवाद और आत्मरक्षा के लिए शस्त्र एवं शास्त्र दोनों की महत्ता पर बल दिया।
शौर्य और संस्कृति का संगमः
आयोजन समिति के अनुसार, नववर्ष की इस कार्यक्रम श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में भव्य महाआरती की गई और सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

By Udaipurviews

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