– जैन समाज के डांडिया महोत्सव में बिखरे रंग, झूमे कदम और गूंजे गरबे के गीत
– सांस्कृतिक धरोहर को संजोता जैन समाज का रंगारंग डांडिया महोत्सव सम्पन्न
– परंपरा और एकता का अद्भुत संगम बना जैन समाज का जैन डांडिया महोत्सव
– श्रमण भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव में आयोजनों की श्रृंखला
उदयपुर 25 मार्च। सकल जैन समाज उदयपुर की प्रतिनिधि संस्था महावीर जैन परिषद के तत्वावधान में श्रमण भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के 20 दिवसीय आयोजनों की श्रृंखला में बुधवार को सकल जैन समाज की सैकड़ों महिलाओं ने जिन शासन की देवियों और तीर्थंकरों की माताओं को समर्पित जैन गरबा रम कर नया इतिहास का सृजन किया है। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने पारंपरिक डांडिया और गरबा प्रस्तुतियां दीं। डांडिया रास की धुनों पर युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग भी झूमते नजर आए।
महावीर जैन परिषद के मुख्य संयोजक राजकुमार फत्तावत ने बताया कि भारतीय जैन संघटना एवं जैन जागृति सेन्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जैन डांडिया महोत्सव में पारंपरिक रंगों, उत्साह और सांस्कृतिक समृद्धि का भव्य संगम देखने को मिला। आयोजन में समाज के सभी वर्गों बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गरबा-डांडिया की ताल पर जमकर थिरके। वहीं जैन आगम के अनुसार प्रत्येक 24 तीर्थंकरों के अलग-अलग शासन देव और शासन देवियां होती है। उन्हीं की स्तुति में जैन समाज की महिलाओं ने 15-15 के ग्रुप बनाकर आकर्षक रूप से गरबा रमते हुए सैकड़ों दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। फत्तावत ने अपने उद्बोधन में कहां कि इतनी संख्या में मेवाड़ की जैन महिलाओं का एक साथ एक सी वेशभूषा में गरबा नृत्य करना एक इतिहास रचना है। भक्ति भाव से सरोबार इस प्रकार के कार्यक्रम हमारी परम्पराओं एवं संस्कारों को जीवंत रखते है और हमारी आने वाली पीढ़ी भी धर्म एवं समाज से जुड़ती है।
भारतीय जैन संघटना के अध्यक्ष दीपक सिंघवी व जेजेसी अध्यक्ष अरूण मेहता ने बताया कि जैन गरबा और डांडिया समारोह में कार्यक्रम के प्रायोजक अनिल जारोली, शुभम जारोली व सम्मानीय अतिथि प्रीति शाह का मेवाड़ी पगड़ी, उपरणा और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
भारतीय जैन संघटना लेडीज विंग अध्यक्षा मीना कावडिय़ा व जेजेसी लेडिज विंग की अध्यक्ष नीता छाजेड़ ने बताया कि उदयपुर बने कुण्डलपुर में जैन समाज की युवतियां एवं विवाहिताओं ने एक जैसे परिधान पहनकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर आयोजित गरबा डांडिया में महावीर बोलो सारे महावीर बोलो… वाग्यो रे ढोल बाजे वाग्यो रे ढोल…आयो रे शुभ दिन आयो रे… नगरी धन्य बनी आज…, बजे कुण्डलपुर में बधाई, महावीर जन्मे… उड़ी उड़ी जाए, उड़ी उड़ी जाए…, दादा तेरे दर पर आए आज दर्शन देदो… बाजे रे ढ़ोल रे बाबा, म्हारी प्रभु री भक्ति में ढोल बाजे गीतों पर जमकर जैन गरबा नृत्य किया। एक साथ डांडियों की खनक से पूरे वातावरण सुनाई दे रही थी । इस दौरान दर्शकदीर्घा में बैठक श्रावक-श्राविकाओं ने जमकर भगवान के जयकारों से वातावरण गुंजायमान किया।
संघटना के कार्यकारी अध्यक्ष भूपेन्द्र गजावत व जेजेसी कार्यकारी अध्यक्ष नितिन लोढ़ा ने बताया कि 1008 महिलाओं को ऋषभ देव, संभवनाथ, सुमतिनाथ, सुपाश्र्वनाथ, सुविधिनाथ, श्रेयांशनाथ, विमलनाथ, धर्मनाथ, कुंथुनाथ, नेमीनाथ, महावीर स्वामी गु्रप में विभाजित कर दो राउण्ड में गरबा और डांडिया कराए गए। निर्णायक पुष्पा पटेल और कल्पना जोशी द्वारा दिए निर्णय के अनुसार प्रथम, द्वितीय व तृतीय आने वाले ग्रुप को क्रमश: 15000, 11000 व 7000 के नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। निर्णायिका की भूमिका के रूप में पुष्पा पटेल व कल्पना जोशी का भी मेवाड़ी पगड़ी, उपरणा व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में राजकुमार फत्तावत, कुलदीप नाहर, जीतो चेयरमैन यशवंत आंचलिया, नरेन्द्र सिंघवी, श्री महावीर युवा मंच संस्थान अध्यक्ष अशोक कोठारी, महामंत्री विजयलक्ष्मी गलुण्डिया, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सोनल सिंघवी, महामंत्री प्रिया झगड़ावत सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
– विभिन्न संगठनों की राजस्थानी नृत्य प्रतियोगिता आज
बीजेएस लेडिज विंग महामंत्री नीतू गजावत व जेजेसी महामंत्री रचिता मोगरा ने बताया कि महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार 26 मार्च को भारतीय जैन संघटना लेडिज विंग एवं जैन जागृति सेन्टर लेडिज विंग के संयुक्त तत्वावधान में जैन समाज की विभिन्न महिला संगठनों का राजस्थानी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय शुभ केसर गार्डन में शाम 6.30 बजे आयोजित होगा।
जिन शासन की देवियों और तीर्थंकरों की माताओं को समर्पित जैन गरबा, सैकड़ों महिलाओं ने एक साथ जैन गरबा रम रचा इतिहास
