सरकार को 2 महीने का अल्टीमेटम
– मावली के सभी छोटे-बड़े बागोलिया, गडेला, सर्जना, खरताना बांधों को भरने की हो योजना
उदयपुर, 10 मई। फतहसागर से डेढ़ गुना बड़े और 686 एमसीएफटी भराव क्षमता वाले बगोलिया बांध में राज्य सरकार द्वारा केवल 180 एमसीएफटी पानी देवास योजना से देने की बनाई गईयोजना स्वीकार नहीं है। बागोलिया की प्यास एक बूंद से नहीं बल्कि माही के पानी से बुझेगी। बागोलिया को पूरा भरा रखने के लिए इसमें माही का पानी जयसमंद से वाया उदयसागर होते हुए डाला जाए।
किंग सेना के रणनीतिकार घनेंद्रसिंह सरोहा ने शुक्रवार को यह मांग उठाते हुए पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने आनन-फानन में उदयसागर से बागोलिया बांध तक नहर की 190 करोड़ की बनाई डीपीआर से किसी का भला नहीं होगा। बागोलिया को भरने को लेकर बीते तीन साल से किंग सेना मातृभूमि धर्म संघ के अध्यक्ष गगनसिंह राव अपनी टीम के साथ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नहर की डीपीआर मावली की ऊपरी पंचायतों को जोड़ते हुए बनाई जानी चाहिए जिससे तहसील की अधिकतम पंचायतों को इसका लाभ मिल सके। उदय सागर से गुडली (संत सागर) भैंसला कला खुर्द ( रत्ना सागर) राय जी का गुड़ा बांध, नऊआ (लक्ष्मण सागर), बिखरनी से बिजनवास तालाब, खाम की मादरी से वाया बिठौली तरकीय तालाब से रख्यावल लाया जाए. रख्यावल, वीरडोलिया से काला मगरा, वालरा, पलाना खुर्द (कलालिया तालाब) गांगला बांध, लालावास, रथाना मंडप के मध्य से होते हुए बागोरिया बांध तक पानी पहुंचाया जाए। सरोहा ने कहा कि वे राज्य सरकार को 2 महीने का समय देते हैं इस बीच सरकार ने मावली की जनता की भावना के अनुकूल नई डीपीआर पर कार्य शुरू नहीं किया तो जन आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के प्रकाश सालवी ने कहा कि वीरदोलिया से एक फीडर पलावास खुर्द, पलावास कला, बोयना, साकरिया खेड़ी होते हुए सालेरा तालाब तक लेजा जाए जिससे कि इस क्षेत्र से जुड़े पंचायतों को भी माही व देवास योजना का लाभ मिल सके। बागोलिया नहर से मlवली की यह पंचायत जुड़ें गुडली, भैंसला कला, भैंसला खुर्द, चंदेसरा, खेमली, नउआ, विकर्णी, विजनवास, रख्यवाल, वीरदोलिया, पालवास, पालवास खुर्द, बोयना, साकरिया खेड़ी, सालेरा कला लाभां वित होंगे।
मदार से बगोलिया तक वैकल्पिक नहर का प्रस्ताव
सालवी ने सुझाव दिया कि मदार नहर से भीलों का बदला,राष्ट्रीय राजमार्ग 76 होते हुए अंबरी से मेहरों का गुरा, भैंसडा कला (उमरजो का महादेव) रायजी का गुड़ा, नऊआ, खादरा, खाम की मादडी, मांकावास से गंधर्व सागर (गडेला), धोली मंगरी, सिंधु, भांसोल, जावद थामला आयता मंडल, महूडा, पलाना कला, वारणी से बागोलिया तक वैकल्पिक नहर निर्माण का सुझाव दिया। पत्रकार वार्ता में महासचिव सुनील निमावत, प्रकाश डांगी, राकेश सुहालका आदि उपस्थित थे।
बागोलिया की प्यास एक बूंद से नहीं, माही के पानी से बुझेगी, बोले सरोहा
