गिर्वा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

कांग्रेस की सज्जनदेवी कटारा बनी रहेगी प्रधान, बैठक में नहीं आए अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्य
उदयपुर। जिले के उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की गिर्वा पंचायत समिति की प्रधान सज्जनदेवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को खारिज हो गया। जिन सदस्यों ने अविश्वास लाए जाने का प्रस्ताव दिया था, वह खुद भी बैठक में शामिल नहीं हुए।
गिर्वा प्रधान कटारा तथा उप प्रधान प्रियंका के खिलाफ 14 दिसम्बर को अविश्वास प्रस्ताव रखा गया था और उस पर निर्णय को लेकर सोमवार को साधारण सभा की बैठक रखी गई थी। बैठक के पहले चरण में प्रधान के खिलाफ वोट होने थे, लेकिन कोरम के अभाव में अविश्चवास प्रस्ताव गिर गया। अब दूसरे सत्र में उप प्रधान को लेकर बैठक होगी।
इस बैठक की खास बात यही रही कि जिन 11 सदस्यों ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीर्ति राठौड़ के समक्ष गिर्वा प्रधान एवं उप प्रधान के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, वह खुद साधारण सभा की बैठक में शामिल नहीं हुए। तहसीलदार रामप्रसाद खटीक ने बताया कि वह साधारण सभा की बैठक में शामिल होने तय समय पर पहुंचे। उन्होंने पहले प्रधान के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रक्रिया शुरू कराई थी। भाजपा की इकलौती सदस्य केशीबाई ही बैठक में आई थी। कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। अब सज्जन कटारा गिर्वा प्रधान बनी रहेंगी।
गौरतलब है कि गिर्वा पंचायत समिति में वर्तमान में 29 सदस्य हैं, जिनमें से 18 कांग्रेस के जबकि 11 भाजपा के हैं। कांग्रेस का बोर्ड बने हुए तीन साल हो गए और अविश्वास प्रस्ताव के लिए तीन चौथाई यानी 22 सदस्यों की सहमति होना जरूरी था। पूर्व में भाजपा के सदस्यों को यह विश्वास था कि वह कांग्रेस के सदस्यों को उनके साथ जोड़ने में सफल रहेंगे, किन्तु नहीं हो पाया।

By Udaipurviews

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