आनंदपाल-लॉरेंस गैंग की लड़ाई में मारे गए करणी सेना अध्यक्ष

गोदारा ने जब कारोबारी को धमकाया तो फिरौती देने से किया था मना
जयपुर।  आनंदपाल गैंग की सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से नजदीकियां हमेशा से रही थीं। आनंदपाल एनकाउंटर के बाद नागौर के सांवराद में चले उग्र आंदोलन की अगुवाई गोगामेड़ी ने ही की थी। आनंदपाल एनकाउंटर के 6 साल बाद 3 दिसंबर 2022 को राजू ठेहट का मर्डर का हुआ और लॉरेंस गैंग के खास गुर्गे रोहित गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। उस पोस्ट में यह कहा गया था कि ये आनंदपाल का बदला है। यहां तक तो सब ठीक था। क्योंकि आनंदपाल और लॉरेंस गैंग दोनों ही एक-दूसरे की सहयोगी बनकर काम कर ही थी। राजू ठेहट मर्डर के बाद शेखावाटी में दहशत फैलान के लिए लॉरेंस गैंग ने रोहित गोदारा के जरिए व्यापारियों और प्रॉपर्टी कारोबारियों से फिरौती वसूलना शुरू कर दिया था। इनमें से कई व्यापारी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के करीबी बताए जाते हैं। लॉरेंस गैंग की धमकियों के बाद गोगामेड़ी और आनंदपाल के छोटे भाई मंजीत पाल सिंह उन पीड़ित व्यापारियों और प्रॉपर्टी कारोबारियों के पक्ष में खुलकर आ गए थे। यहां थाने में मुकदमा भी दर्ज करवा दिया था।
करीब एक साल पहले रतनगढ़ के रहने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी महिपाल सिंह को गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से धमकी दी गई थी। फिरौती मांगने का यह मामला राजू ठेहट मर्डर के महज 5 दिन बाद हुआ था। 8 दिसंबर 2022 को महिपाल सिंह के फोन पर वॉट्सऐप से वॉइस मैसेज आया था कि श्मैं रोहित गोदारा बोल रहा हूं। 15 दिसंबर तक 50 लाख रुपए की व्यवस्था कर देना। नहीं तो सीकर वाला अंजाम तुमने देखा ही है। अब आगे भी अगर काम करे तो हमें पैसे देने होंगे। इसके बाद 15 दिसंबर 2022 को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर उसके पास वॉट्सऐप कॉल और मैसेज आया था। उसमें भी कहा गया कि मैं रोहित गोदारा बोल रहा हूं। हां या ना का जवाब दे दो। महिपाल जी दोबारा फोन नहीं आएगा। इस मामले में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और आनंदपाल गैंग ने महिपाल सिंह को सपोर्ट किया और उसे लॉरेंस गैंग को फिरौती देने से मना कर दिया था। इसके अलावा भी कई दूसरे मामलों में भी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी खुलकर लॉरेंस गैंग के सामने आ गया था। गोगामेड़ी की यही बात लॉरेंस गैंग को खटकने लगी थी।
भटिंडा जेल में रची गई साजिश, पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भेजा था अलर्ट
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में बेखौफ अंदाज से अपना वर्चस्व बढ़ा रही लॉरेंस गैंग ने राजस्थान में इसे चुनौती के तौर पर देखा। यही कारण था कि पंजाब कि भटिंडा जेल में बैठा लॉरेंस विश्नोई गैग का गैंगस्टर संपत नेहरा गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रचने लगा था। इस मर्डर के लिए वो एके-47 अरेंज करवा रहा था। पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस को भी इस बात की भनक लग चुकी थी। यही कारण है कि पंजाब पुलिस ने ये जानकारी इसी साल मार्च महीने में राजस्थान पुलिस की एटीएस को दी थी। एक कॉन्फिडेंशियल मैसेज के जरिए बताया था कि गैंगस्टर संपत नेहरा राजस्थान में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रच रहा है। हत्या के प्लान के लिए वह जेल से बाहर मौजूद अपने एसोसिएट्स से एके-47 अरेंज करवा रहा है। इस पर राजस्थान एटीएस के डीआईजी अंशुमान भौमिया ने 14 मार्च को ही राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को गोगामेड़ी पर हमले की साजिश का अलर्ट भेजा था।
सुखदेव सिंह को भी अंदाजा था, गैंगस्टर हत्या की साजिश रच रहे
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पिछले कुछ महीनों से लॉरेंस विश्नोई गैंग से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इतना ही नहीं उसे अपने नेटवर्क और पुलिस सूत्रों से भी ये जानकारी थी कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसे लेकर एक सार्वजनिक सभा में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा था कि मुझे मारने के लिए एके-47 खरीदी जा रही है, इसके बावजूद पुलिस मुझे सुरक्षा नहीं दे पा रही है। गोगामेड़ी के करीबी बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही जयपुर में पुलिस कमिश्नर से मिलकर उन्होंने सुरक्षा की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक गोगामेड़ी पुलिस से 3 बार सुरक्षा मांग चुका था, लेकिन नहीं मिली।
सुखदेव ने खुद अरेंज किए थे 6 सुरक्षा गार्ड
पुलिस से सिक्योरिटी नहीं मिलने पर गोगामेड़ी ने खुद के लिए 6 निजी सुरक्षा गार्ड तैनात कर लिए थे। लेकिन चुनावी आचार संहिता के चलते उनमें से 5 गार्ड के हथियार थानों में जमा थे। यही कारण है कि गोगामेड़ी ने 5 गार्ड को छुट्टी पर गांव भेज दिया था। शूटर्स के पास सुखदेव का सुरक्षा घेरा कम होने का पूरा इनपुट था। मंगलवार को मौका पाते ही रोहित गोदारा के भेजे शूटरों ने मिलने का बहाना बनाकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी।
लॉरेंस गैंग के कॉन्टैक्ट में थे शूटर
रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दोनों हमलावरों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक शूटर मकराना के जूसरी गांव का रोहित है और दूसरा हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी नितिन फौजी है। नितिन फौजी अभी सेना में है और छुट्टी पर घर आया हुआ था। उसी ने गोगामेड़ी के सिर में गोली मारी थी। वहीं रोहित राजपूत जयपुर के खातीपुरा इलाके में रह रहा था। रोहित नाबालिग को भगाने और रेप और विदेशी हथियारों को रखने के मामले में दो बार जेल जा चुका है। उसका जयपुर का मकान गिरवी पड़ा है। उसके पिता गिरधारी सिंह की मौत हो चुकी है, जो सेना से रिटायर थे। घर में केवल मां रहती है। बहन शादीशुदा है। हत्याकांड के बाद फिलहाल जयपुर के मकान पर ताला लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि जेल में बंद रहने के दौरान ही रोहित लॉरेंस गैंग के कॉन्टैक्ट में आया था। इसके अलावा बताया जा रहा है कि नितिन नवंबर में छुट्टी लेकर घर (महेंद्रगढ़) आया था। फिर वो चला गया। घरवालों को इसकी जानकारी नहीं थी कि नितिन कहां गया। जब गोगामेड़ी हत्याकांड का वीडियो आया तो परिवार वालों ने नितिन को पहचाना। शूटर नितिन पंजाब की बठिंडा जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर संपत नेहरा के कॉन्टैक्ट में था। संपत नेहरा पर ही इस हत्याकांड की साजिश को अंजाम देने का शक जताया जा रहा है।
अब राजस्थान में आनंदपाल गैंग और लॉरेंस गैंग में गैंगवार की आहट
आनंदपाल एनकाउंटर के बाद राजू ठेहट का मर्डर कर राजस्थान में अपनी धाक जमाने वाली लॉरेंस गैंग ने पिछले कुछ समय में प्रदेश में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। जयपुर के जी-क्लब में फायरिंग से लेकर व्यापारियों को धमकी देने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

By Udaipurviews

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