श्रीमद् भागवत कथाः सम्पूर्ण सृष्टि परमात्मा का ही स्वरूप है

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

फतहनगर। नगर के श्री लक्ष्मीनारायण अखाड़ा मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के पांचवे दिन कथा प्रवक्ता माणकचंद मेनारिया ने संगीतमयी प्रस्तुतियां देते हुए गोकुल में आनंद उत्सव, शिवजी का कृष्ण दर्शन हेतु गोकुल आगमन, पुतना वध, बकासुर वध, कृष्ण बलराम नामकरण, माखन चोरी , ग्वाल बाल लीला, कालिया नाग मर्दन, वस्त्र हरण, गोवर्धन धारण, त्रेता युग में रामभक्त हनुमान जी द्वारा रामसेतु हेतु लाये गोवर्धन पर्वत प्रसंग का भी मार्मिक वाचन किया। मनमोहक रासलीला के सजीव चित्रण के साथ आज की कथा को विश्राम दिया गया।

उन्होने कहा कि परमात्मा सर्वव्यापी है,सम्पूर्ण सृष्टि परमात्मा का ही स्वरूप है। श्रीकृष्ण ने मिट्टी खाने के बहाने माँ यशोदा को निजमुख में ब्रह्माण्ड का दर्शन कराया। बिना भेदभाव के पूतना तक को निजधाम दिया। ईश्वर के स्मरण एवं भावपूर्ण कीर्तन को सुनने वाले असंख्य जीव भी मोक्ष एवं सद्गति पा जाते हैं। आगे कहा कि जिसका गायन सुख दे वही भागवत है। दस सर्ग, अठारह हजार श्लोक वाली भागवत कथा के अमृत मय रस को कानों से पान किया जाता है। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।

By Udaipurviews

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