जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक
उदयपुर, 9 अक्टूबर। आगामी विधानसभा चुनाव 2023 की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होते हुए जिला निर्वाचन अनुभाग की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल ने सोमवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर उन्हें आदर्श आचार संहिता की प्रावधानों से अवगत कराते हुए उनकी पालना सुनिश्चित कराने की अपील की।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया, होम वोटिंग, सुविधा पोर्टल, सी-विजिल एप के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विज्ञापन अधिप्रमाणन और मतदान प्रक्रिया से भी अवगत कराया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सभी का सामूहिक दायित्व है। इसमें राजनैतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए सभी से निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से संपादित कराने में सहयोग की अपील की। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन पर निरोधात्मक कार्यवाही से भी अवगत कराया।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष सुराणा, आचार संहिता पालना प्रकोष्ठ के प्रभारी जितेंद्र ओझा सहित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पाटी, आप, बससा आदि प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्वतंत्र, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए जिले में धारा 144 लागू
जिला मजिस्ट्रेट अरविंद पोसवाल ने एक आदेश जारी कर विधानसभा चुनाव 2023 के तहत जिले में शांतिपूर्वक, स्वतंत्र व निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने को लेकर धारा 144 लागू कर दी है। मतदाता बिना किसी डर एवं भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सके इसके लिए असामाजिक, अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं कानून व्यवस्था व लोक शांति बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
इस आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, हथियार आदि का प्रदर्शन सार्वजनिक स्थानों पर नहीं कर सकेगा। जबकि यह आदेश सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
इसके तहत कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना राजनैतिक प्रयोजनार्थ जुलूस, सभा रैली आदि का आयोजन नहीं करेगा। इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक ट्विटर, वाट्सएप, यू-टूब आदि द्वारा किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष व दुष्प्रचार नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक व राजकीय सम्पतियों पर किसी तरह का नारा लेखन या प्रतीक चित्रण नहीं करेगा। साथ ही मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे या पूजा के अन्य धार्मिक स्थलों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन न तो करेगा और नहीं अन्य किसी को करवाएगा।
यह आदेश 5 दिसंबर 2023 तक प्रभावी रहेगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किये जाने पर संबंधित को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डित किया जाएगा।
मतदान दलों का प्रशिक्षण आज
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा आम चुनाव 2023 हेतु जारी निर्वाचन कार्यक्रम के क्रम में उदयपुर व सलूंबर जिले की 8 विधानसभा क्षेत्रों हेतु गठित 2872 मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण मंगलवार 10 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद पोसवाल के निर्देशन में प्रशिक्षण को लेकर सभी तैयारियों सुनिश्चित कर ली गई है। यह प्रशिक्षण राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर एवं राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय उदयपुर में आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को पीठासीन अधिकारियों, 11 अक्टूबर को मतदान अधिकारी प्रथम, 12 अक्टूबर को मतदान अधिकारी द्वितीय, 13 अक्टूबर को मतदान अधिकारी तृतीय को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मतदान दल में कार्मिक क्रम संख्या 1 से 1650 का प्रशिक्षण राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर में एवं क्रम संख्या 1651 से आगे की क्रम संख्या का प्रशिक्षण राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय उदयपुर में होगा। 14 अक्टूबर को पीठासीन अधिकारी 2173 से 2904, मतदान अधिकारी प्रथम 2873 से 3183, मतदान अधिकारी द्वितीय 2873 से 3587, मतदान अधिकारी तृतीय 2873 से 3250 का प्रशिक्षण होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार प्रशिक्षण में संबंधित पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों/कार्मिकों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों में सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाकर दण्डित किया जाएगा। प्रभारी अधिकारी (प्रशिक्षण) जितेन्द्र ओझा के निर्देशन में उनके दक्ष प्रशिक्षको द्वारा यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मतदान दलों के पेयजल, चाय व भोजन की व्यवस्था प्रशिक्षण स्थल पर ही की गयी है।
