उदयपुर। सांसद मन्नालाल रावत व भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा पुलिस व प्रशासन पर दबाव बनाने के बाद आखिरकार मेवाड के पारंपरिक गवरी नृत्य को पाखंड बताने वाले युवक को डिटेन कर लिया गया है। गोगुंदा पुलिस ने उससे पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि उदयपुर भ्रमण पर आए इस युवक ने बिना जानकारी व तथ्यों के गवरी को लेकर विवादास्पद रील तैयार कर वायरल कर दी थी, जिसको लेकर लोगों में जोरदार आक्रोश था। इस संबंध में युवक के खिलाफ गोगुंदा थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था। युवक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई संगठनों की ओर से प्रशासन व पुलिस को ज्ञापन भी दिए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने भी प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से चर्चा की और युवक के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने बताया कि दबाव के बाद आखिरकार युवक को डिटेन कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ भी की। भारतीय जनता पार्टी ने देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली ने भी इस मामले में युवक द्वारा गवरी नृत्य को पाखंड बताने की निंदा की। सांसद डॉ रावत ने कहा कि गवरी नृत्य आदिवासी समाज को पारंपरिक नृत्य है जिसमें शामिल होने वाले कलाकार पूरे महीने कई त्याग करते हैं। इसके बारे में जानकारी नहीं रखने वाले युवक ने केवल फेमस होने के लिए गवरी पर विवादास्पद रील बना दी।
सांसद डॉ रावत के दबाव के बाद गवरी को पाखंड बताने वाले युवक को डिटेन किया, न्यायिक हिरासत में भेजा
