उदयपुर, 29 सितम्बर। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में यूजीसी एमएम टीटीसी द्वारा देश के विभिन्न भागों से आए कालेज शिक्षकों के लिए आयोजित रिफ्रेशर कोर्स में अतिथि वक्ता के रूप में उदयपुर के कलाकार चेतन औदिच्य ने एआई के युग में समकालीन कला की भूमिका विषय पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि संभव है कि एआई की शक्ति मनुष्यता और कला के लिए बड़ा खतरा हो लेकिन उसका चेतना के स्तर को प्राप्त करना असंभव है, ऐसे में कलाकार के लिए कलात्मक संभावनाओं का द्वार सदैव खुला रहेगा। एआई कला संभावनाओं को कभी खत्म नहीं कर सकेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता फैकल्टी डीन प्रो वंदना कल्ला ने की।
प्रसिद्ध कलाकार और आयोजन समिति के डा. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि आज के समय में एआई अनेक सुविधाएं और बाधाएं एक साथ लेकर आया है ऐसे में कला क्षेत्र में इसकी भूमिका और प्रभाव को लेकर रिफ्रेशर कोर्स डिजाइन किया गया है जिस पर देश के अनेक क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपना मंतव्य कालेज शिक्षकों के सामने रख रहे हैं। प्रो. कृष्णा महावर ने सभी सहभागियों का परिचय कराते हुए बताया कि आज उच्च शिक्षा और शोध क्षेत्र में एआई की भूमिका बहुत बढ़ गई है ऐसे में कला जैसे संवेदनशील विषय में इसका सार्थक उपयोग कैसे हो इस पर लगातार चर्चा होना आवश्यक है। इस महत्वपूर्ण आयोजन का एक सत्र राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुआ जिसमें एआई, कला, पर्यटन और विरासत पर सार्थक चर्चा की गई।
कला की संभावनाएं एआई से खत्म नहीं होंगी- चेतन औदिच्य
