भगवान महावीर के जीवन से लें प्रेरणा, विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य से न डिगेंःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजीभ

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

दादाबाड़ी में पर्युषण महापर्व पर भगवान महावीर के जीवन चरित्र की वाचना, उदयपुर में खरतरगच्छ महासंघ का गठन
उदयपुर। आध्यात्मिक चातुर्मास की श्रृंखला में पर्युषण महापर्व के अवसर पर रविवार को वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित धर्मसभा में साध्वी गुरुवर्या श्री बहिन म. सा. डॉ. श्री विद्युतप्रभा श्रीजी ने भगवान महावीर के जीवन चरित्र एवं तीर्थंकर बनने की आध्यात्मिक यात्रा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के जीवन से प्रेरणा लेकर मनुष्य को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अडिग रहकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी ने बताया कि भगवान महावीर के बाल्यकाल से ही अनेक प्रेरणादायक एवं अद्भुत घटनाएं घटित होती रहीं। उनके छहों कल्याणकों में आई विषमताओं, तीर्थंकर बनने के मार्ग में सहन किए गए भयंकर उपसर्गों तथा पूर्व भवों से जुड़े प्रसंगों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर ने कठिन परिस्थितियों में भी संयम, साधना और आत्मबल का त्याग नहीं किया।
भाद्रपद शुक्ला द्वितीया रविवार को अवन्ति तीर्थाेधारक राष्ट्र रत्न, खरतरगच्छाचार्य श्री जिनमणि प्रभसूरीश्वरजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी के मार्गदर्शन में उदयपुर में खरतरगच्छ महासंघ की स्थापना की गई।
इस अवसर पर साध्वीश्री ने कहा कि वर्षों पूर्व उदयपुर में खरतरगच्छ का व्यापक प्रभाव रहा था। कालांतर में इसमें कुछ कमी आई, जिसे पुनः जागृति प्रदान करने की आवश्यकता है। जैन धर्म के पूर्वाचार्यों एवं चारों दादा गुरुदेव के प्रति समर्पण भावना को और मजबूत करना होगा। इसी भेदभाव रहित उद्देश्य से महासंघ की स्थापना की गई है, ताकि समाज में एकता, धार्मिक जागृति एवं संगठनात्मक भावना को बढ़ावा मिले।
खरतरगच्छ महासंघ में गजेन्द्र भंसाली को संरक्षक, राज लोढ़ा को अध्यक्ष, विकास सुराणा एवं सुभाष महात्मा को उपाध्यक्ष, गौरव कोठारी को सचिव तथा आजाद नाहर एवं कपिल लोढ़ा को कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। महिला सहयोगिनियों में हेमलता नाहर, माया सिरोया, वंदना गन्ना एवं ऋतु पारिख सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया। आने वाले समय में महासंघ की कार्यकारिणी का और विस्तार किया जाएगा।
पर्युषण महापर्व के अंतर्गत सोमवार को वारसा सूत्र वोहरने के चढ़ावे, ज्ञान पूजा एवं प्रवचन सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम यथावत आयोजित होंगे। समाजजनों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया गया।

By Udaipurviews

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