फर्जी दस्तावेज तैयार कर खाली व निरस्त भूखंडों की लीज डीड जारी करवाने का आरोप, मामले में अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर, 10 सितंबर : नगर निगम उदयपुर के भूखंड घोटाले के मामले में एसओजी ने वांछित आरोपी विपिन कोठारी को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी राजस्थान जयपुर विशाल बंसल ने बताया कि नगर विकास प्रन्यास उदयपुर से वर्ष 2004 में हस्तांतरित भूखंडों में से खाली एवं निरस्त भूखंडों के संबंध में नगर विकास प्रन्यास के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षड्यंत्रपूर्वक उक्त भूखंडों की लीज डीड नगर निगम उदयपुर से जारी करवाने के मामले में प्रकरण संख्या 97/2022 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादंसं में पुलिस थाना सूरजपोल में अनुसंधान किया गया।
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी विपिन कोठारी ने सहआरोपियों विक्रम कुमार ताकड़िया, नितेश कोठारी, हेमलता कांकरिया, राकेश सोलंकी उर्फ बुक्का, निर्मल टेलर उर्फ गोपाल, भागीरथ गयरी, दीपक कुमावत, दीपक सिंह चौहान और राजदीप सिंह के साथ मिलकर कई भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इन कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम उदयपुर के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर भूखंडों की लीज डीड जारी करवाई गई। इसके बाद स्वयं के नाम पर मुख्तारनामा आम का निष्पादन करवाकर भूखंडों को आगे बेच दिया गया।
एसओजी के उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण एवं पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी की टीम ने आरोपी की लगातार तलाश के बाद विपिन कोठारी को गिरफ्तार किया।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के अनुसार कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूखंडों की लीज डीड नगर निगम से जारी करवाकर उन्हें बेचने के मामले में विपिन कोठारी सहित अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी कोठारी को 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
नगर निगम के भूखंड घोटाले में आरोपी कोठारी गिरफ्तार
