– सरकार पुनर्विचार करते हुए यूजीसी रोलबेक करे
उदयपुर, 6 सितम्बर। राजपूतों का देश के इतिहास में गौरवपूर्ण योगदान रहा है। समाज ने हमेशा राष्ट्रहित, सामाजिक मूल्यों और देश की एकता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार को स्वर्ण समाज की भावनाओं और चिंताओं को गंभीरता से समझना चाहिए। यदि किसी नियम अथवा प्रावधान को लेकर असंतोष है तो सरकार को उस पर पुनर्विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यूजीसी रोलबेक की मांग को लेकर समाज की भावना को सरकार तक मजबूती के साथ पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज के सदस्यों को शपथ दिलाई गई जिसमें निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देने का आह्वान किया गया।
उक्त विचार श्री राष्ट्रीय करणी सेना के संस्थापक एवं अध्यक्ष राजवीर सिंह शेखावत ने रविवार को रावजी का हाटा स्थित राजपूत महासभा संस्थान के भवन में बतौर मुख्य अतिथि कही।
शेखावत ने यूजीसी रोल बेक की मांग को लेकर सरकार से इसे पुनः लेने की मांग को प्रमुखता से उठा कहा कि वर्तमान समय में भी समाज के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों पर संगठित होकर अपनी बात रखना आवश्यक है। समाज की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद, संगठनात्मक एकता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने के माध्यम से ही संभव है। वर्तमान परिस्थितियों में समाज के सभी संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित के मुद्दों पर एकजुटता के साथ आवाज उठानी चाहिए।
हम स्वर्ण समाज की भावनाओं को उचित मंच तक पहुंचाने तथा सरकार एवं प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने के लिए संगठनात्मक स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। सरकार से यूजीसी से संबंधित मुद्दे पर पुनर्विचार करते हुए यूजीसी रोलबेक करने की मांग की। सरकार को स्वर्ण वर्ग की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
शेखावत ने कहा कि किसी भी समाज की शक्ति उसकी एकजुटता में होती है। यदि समाज के लोग संगठित होकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखते हैं तो निश्चित रूप से उस पर गंभीरता से विचार होने की संभावना बढ़ती है। उन्होंने समाजबंधुओं से सामाजिक मुद्दों पर जागरूक रहने और संगठन के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष जीवन सिंह सेनवाड़ा ने कहा कि अब वक्त आ गया है, हमें एकजुट होकर यूजीसी रोलबेक करवाने का। आज का युवा देश का भविष्य है और उसके शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े अवसरों पर किसी भी प्रकार की ऐसी व्यवस्था का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए, जिससे उसके मन में असमानता अथवा अन्याय की भावना पैदा हो। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस पूरे विषय पर व्यापक विचार-विमर्श कर ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे सभी वर्गों का विश्वास कायम रहे। इस अवसर पर कई वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ प्रभु एकलिंगनाथएवं महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर बहुमान किया गया। राजपूत महासभा के अध्यक्ष संत सिंह भाटी ने अतिथियों का शब्दों द्वारा स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जब्बर सिंह पंवार ने किया जबकि धन्यवाद महासचिव प्रदीप सिंह भाटी एवं सचिव हितेंद्र सिंह राठौड़ ने ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में करणी सेना के जीवन सिंह सेनवाडा, कुलदीप सिंह, अनोप सिंह, भानुप्रताप सिंह थाना, विजय सिंह, होनार सिंह, विजय सिंह फिला, देवेंद्र सिंह चुण्डावत, गिरिराज सिंह भाटी, देवी सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह पीपाड़ा महिला कार्यकारिणी में रेखा चुण्डावत, ललिता यदुवंशी, उषारानी भाटी, टीना सांखला सहित कई पदाधिकारी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सरकार को स्वर्ण समाज की भावनाओं और चिंताओं को गंभीरता से समझना चाहिए : राजवीर सिंह शेखावत
