निकाय चेयरमेन की लॉटरी निकलते ही उदयपुर में तेज हुई सियासी हलचल

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उदयपुर। आगामी निकाय चुनावों का लेकर जयपुर राजधानी में गुरुवार को निकाय चेयरमेन पद आरक्षित करने के लिए लॉटरी निकाले जाने के साथ ही उदयपुर में सियासी हलचल तेज हो गई है। उदयपुर में नगर निगम मेयर और जिला प्रमुख का पद अनारक्षित ओपन के लिए खुलने के बाद से दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस के अंदरुनी खेमों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा की ओर से पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के करीबी माने जाने वाले अतुल चण्डालिया, राज्यपाल के कटारिया से रिश्तेदार आकाश बागरेचा, पूर्व गिर्वा प्रधान तख्तसिंह शक्तावत, डॉ रामकृपा शर्मा, डूंगरपुर के पूर्व सभापति केके गुप्ता, प्रेमसिंह शक्तावत, योगेश कुमावत, छोगालाल भोई, जगदीश सुथार, मनोहर चौधरी, विजय आहुजा और पूर्व पार्षद नानालाल बया प्रबल दावेदार माने जा रहे है। वहीं कांग्रेस की ओर से मौजूदा कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड, प्रदेश प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा, पूर्व पार्षद सीए दिनेश श्रीमाली, पूर्व पार्षद अजय पोरवाल, मौजूदा शहर संगठन महामंत्री अरुण टांक, राजीव सुहालका, मोहसीन खान को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। भाजपा की ओर से महिलाओं में हंसा माली, मंदाकिनी धाबाई के नाम पर दावेदारों मे माने जा रहे। हालाकि पार्टी में चर्चाआम है कि महिलाओं को मुश्किल ही मेयर का मौका सकेगा। वहीं कांग्रेस की ओर से महिलाओं में निलीमा सुखाडिया, हितांशी शर्मा, सीमा चोर्डिया, नजमा मेवाफरोश, कामिनी गुर्जर के नामों की चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि अपनी प्रबल दावेदारी के लिए पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी और अतुल चंडालिया हाल ही में पंजाब जाकर राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के साथ ही चर्चा भी करके लौटे है। अतुल चंडालिया द्वारा अपने जन्मदिन को बडे जश्न के रूप में मनाने को भी मेयर की दावेदारी के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। उधर, उदयपुर जिले में नई बनी मावली नगर पालिका एसटी ओपन, वल्लभनगर नगर पालिका एसटी महिला के लिए आरक्षित हुई है। जबकि कानोड नगर पालिका का चेयरमेन पद ओबीसी ओपन और फतहनगर—सनवाडा नगर पालिका का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुआ है। अनारक्षित ओपन सीट का मतलब किसी भी वर्ग का व्यक्ति चुनाव लड सकता है। अब आगामी दिनों नगर निगम, जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी की तिथि घोषित की जाएगी। वहीं जयपुर में जिला परिषद के लिए जिला प्रमुख का आरक्षण भी तय किया जाना है। सलूम्बर में पहली बार जिला परिषद के चुनाव होंगें और वहां जिला प्रमुख के लिए एसटी महिला के लिए आरक्षित हुई है।

By Udaipurviews

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