भारत की पहली ‘फंडामेंटल ऑफ सुजोक थेरेपी’ बैच में चयन, आयुष मंत्रालय से मिला सरकारी प्रमाण-पत्र
उदयपुर। हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (भ्ैैब्) एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारत की पहली ‘फंडामेंटल ऑफ सुजोक थेरेपी’ बैच को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देशभर से चयनित 17 प्रतिभागियों को सरकारी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें उदयपुर, राजस्थान की समाजसेवी श्रीमती रचना भटनागर भी शामिल रहीं।
रचना भटनागर पिछले करीब 8 वर्षों से एक्यूप्रेशर, सुजोक, कलर एवं पंचतत्व थेरेपी के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निशुल्क सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उनके इस सेवा कार्य से अनेक लोग लाभान्वित हुए हैं।
रचना भटनागर पिछले दो वर्षों से अधिक समय से तारा संस्थान, उदयपुर के सेक्टर-14 स्थित द्रौपदी आश्रम में बुजुर्गजनों को एक्यूप्रेशर पद्धति के माध्यम से निशुल्क उपचार एवं सेवा प्रदान कर रही हैं।
समाजसेवा के साथ वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान और समर्पण को देखते हुए भारत की पहली ‘फंडामेंटल ऑफ सुजोक थेरेपी’ बैच में उनका चयन होना उदयपुर के लिए भी गौरव की बात है। सरकारी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद उन्होंने सेवा कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
उदयपुर की समाजसेवी रचना भटनागर को मिला राष्ट्रीय सम्मान
