बांसवाड़ा। सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ने की क्षमता को वैज्ञानिक तरीके से परखने की तैयारी कर ली गई है। इस हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरथून में महालेखाकार की दो सदस्यीय टीम ने एफ एल एम की गतिविधियों ओर पांच साल के रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई
प्रभारी श्रीमति रैना निनामा ओर कचरू लाल चरपोटा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत प्रदेशभर में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों का 10 से 12 अगस्त के बीच ‘मौखिक पठन प्रवाह’ ओरल रीडिंग फ्लूएंसी- ओआरएफ का बेसलाइन आकलन किया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत अमरथून में विभिन्न सरकारी स्कूलों में विशेष प्रशिक्षण,ओर तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
वरिष्ठ अध्यापक हिंदी खुशपाल कटारा ने बताया कि एआइ तकनीक आधारित इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों की हिंदी पढ़ने की वास्तविक दक्षता का आकलन होगा, जिसके आधार पर कमजोर बच्चों के लिए सुधारात्मक शिक्षण योजना तैयार की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्रधानों को दिशा-निर्देश जारी किए है।
निर्देशों के अनुसार आकलन पूरी तरह शालादर्पण शिक्षक ऐप के माध्यम से किया जाएगा।
8 अगस्त तक शिक्षक मैपिंग अनिवार्य- नोडल पीओ प्रधानाचार्य अमरथून अरुण व्यास ने बताया कि विद्यालयों को 8 अगस्त तक शालादर्पण पोर्टल पर सब्जेक्ट टीचर मैपिंग पूरी करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक मैपिंग नहीं होने पर ऐप का ओआरएफ मॉड्यूल सक्रिय नहीं होगा और संबंधित विद्यालय के विद्यार्थी आकलन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।
AI-एआई बताएगा-बच्चा कितना धाराप्रवाह पढ़ता है: ओरल रीडिंग फ्लूएंसी आकलन एआइ आधारित तकनीक पर होगा।
पारी प्रभारी श्रीमति राजेश्वरी ने बताया कि इसमें विद्यार्थी की आवाज रिकॉर्ड की जाएगी और विश्लेषण होगा कि वह एक मिनट में सही उच्चारण के साथ कितने शब्द पढ़ पा रहा है।
