– मोटिवेशनल स्पीकर पदमजीत शेरावत ने म्यूजिकल टॉकशाला में बांधा समां
– जैन विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक शिवानी जीतो हॉस्टल की हुई घोषणा
– जीतो उदयपुर चैप्टर की ओर से म्यूजिकल टॉक शाला का आयोजन
उदयपुर, 27 जुलाई। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) उदयपुर चैप्टर की ओर से निजी रिसॉर्ट में आयोजित म्यूजिकल टॉक शाला प्रेरणा, संगीत और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम बन गई। प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, गायक एवं कमेंटेटर पदमजीत शेरावत ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जीतो उदयपुर चेप्टर अध्यक्ष यशवंत आंचलिया ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत शेरावत के प्रेरक संदेश से हुई। उन्होंने कहा, ऊपर बैठा मुंशी रख रहा तेरी हर कोशिश का हिसाब, तू बस अपने काम से काम को जोड़ता जा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने परिवार, जीवनसाथी, माता-पिता, मित्र, गाँव, शौर्य और भारतीय सेना जैसे विषयों पर गीतों एवं प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर चुनौती अपने साथ नया अवसर लेकर आती है। रिश्तों में अहंकार नहीं, बल्कि संवाद और अपनापन सबसे बड़ी ताकत है तथा सच्ची खुशियाँ बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि हमारे सकारात्मक नजरिये से जन्म लेती हैं। विषयानुसार गीतों के छोटे-छोटे छंदों ने ऐसा भावनात्मक माहौल बनाया कि कई सदस्यों की आँखें नम हो गईं। माता-पिता पर आधारित प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार कुछ क्षणों के लिए भावुक होकर शांत हो गया और सभी ने अपने माता-पिता को नमन किया।
शेरावत ने कहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते तोडऩे के बजाय उन्हें समझ और संवाद से मजबूत बनाने की जरूरत है। जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी संघर्ष से गुजर रहा होता है, ऐसे में एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझना और धैर्य रखना ही रिश्तों की वास्तविक मजबूती है। रिश्ते बनाने में वर्षों लग जाते हैं, जबकि उन्हें टूटने में केवल एक पल लगता है। इसलिए हर परिस्थिति में संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश लोग सुनते तो हैं, लेकिन केवल जवाब देने के लिए। यदि हम सामने वाले की बात को समझने की नीयत से सुनें, तो कई विवाद अपने आप समाप्त हो सकते हैं। भगवान ने मनुष्य को दो कान और एक मुख दिया है, जिससे संदेश मिलता है कि अधिक सुनें और कम बोलें। जीवन में सफलता भी निरंतर निवेश की मांग करती है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, हुनर को निखारने के लिए सतत अभ्यास, पौधे को बढऩे के लिए पानी और सफलता पाने के लिए त्याग, अनुशासन तथा मेहनत आवश्यक है। जो व्यक्ति प्रतिदिन स्वयं के विकास में थोड़ा-थोड़ा निवेश करता है, वह भविष्य में बड़े परिवर्तन और सफलता का अधिकारी बनता है। संदेश स्पष्ट है कि रिश्तों में संवेदनशीलता, व्यवहार में विनम्रता और जीवन में निरंतर आत्मविकास ही सफलता और सुखी जीवन की सबसे मजबूत नींव है।
– शिवानी जीतो हॉस्टल की घोषणा
मुख्य सचिव अभिषेक संचेती ने बताया कि मुख्य अतिथि एवं राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की उपस्थिति में उदयपुर संभाग के जैन विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शिवानी जीतो हॉस्टल की घोषणा की गई। हॉस्टल निर्माण के लिए केसर बाई एवं कालूलाल-मीना जैन ने अपनी दिवंगत पुत्री स्व. शिवानी की स्मृति में भूमि दान देने की घोषणा की। इस घोषणा पर पूरा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। जीतो पदाधिकारियों ने कालूलाल जैन एवं उनके परिवार का सम्मान किया। वहीं, हॉस्टल निर्माण के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन जीतो एपेक्स सचिव महावीर चपलोत ने दिया। मुख्य अतिथि राजेन्द्र राठौड़ ने जीतो द्वारा शिक्षा, सेवा एवं आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में संचालित विभिन्न प्रकल्पों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाज और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम में जीतो एडवाईजर राजकुमार फत्तावत, नरेन्द्र सिंघवी, कोषाध्यक्ष प्रतीक हिंगड़, लेडिज विंग अध्यक्ष अंजलि सुराणा, सचिव ऋतु मारू, युथ विंग अध्यक्ष दिव्यद दोषी, सचिव विनय कोठारी, उपाध्यक्ष श्याम नागौरी, नितुल चण्डालिया, कमल नाहटा, सचिव सुधीर चित्तौड़ा, यशवंत कोठारी, अरुण माण्डोत सहित जीतो के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
समझ, संवाद और आत्मनिवेश से ही बनती है सफल जिंदगी : स्पीकर पदमजीत शेरावत
