राजस्थान विद्यापीठ में रिसर्च बोर्ड एवं एकेडमिक काउंसिल की बैठक सम्पन्न, नए पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी
उदयपुर, 25 जुलाई। राजस्थान विद्यापीठ की रिसर्च बोर्ड एवं एकेडमिक काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय के सभागार में कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान एवं संस्थागत विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की शुरुआत पूर्व में आयोजित बैठक के कार्यवृत्त के अनुमोदन के साथ हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि वर्ष 2037 में राजस्थान विद्यापीठ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण करेगा। इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने शताब्दी वर्ष तक 30 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभी से चरणबद्ध कार्ययोजना एवं दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक पाठ्यक्रम, अनुसंधान आधारित शिक्षण और विद्यार्थी-केंद्रित वातावरण ही विद्यापीठ की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
प्रो. सारंगदेवोत ने घोषणा की कि विद्यापीठ के तीनों परिसर ग्रीन कैंपस के साथ-साथ पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाए जाएंगे। परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक सहित किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के उपयोग को नहीं किया जाएगा तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से विद्यापीठ पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।
बैठक में होम्योपैथी, योग विभाग, डी-फार्मा, एजुकेशन, प्रबंध अध्ययन, आईटी सहित विभिन्न संकायों में नए पाठ्यक्रम, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुलपति ने निर्देश दिए कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही वार्षिक अकादमिक, परीक्षा, प्रवेश एवं रिसर्च कैलेंडर तैयार कर समयबद्ध रूप से लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सभी गतिविधियों की पूर्व जानकारी उपलब्ध हो सके और शैक्षणिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बने।
उन्होंने शोध एवं प्रकाशन गतिविधियों को संस्थान की प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक विभाग को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश पर विशेष बल दिया। बैठक में आईक्यूएसी द्वारा दिए गए सुझावों एवं नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन संबंधी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सभी संकायों के पाठ्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं सामने आ रही चुनौतियों के समाधान पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक प्रो. पारस जैन सहित विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
