भीलवाडा 15 दिसंबर। राजस्थान श्रम सलाहकार मण्डल, उपाध्यक्ष श्री जगदीश राज श्रीमाली (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) ने गुरुवार को सर्किट हाउस में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में जिले में श्रमिकों के पंजीयन की प्रगति, योजनावार लाभान्वित श्रमिकों की स्थिति के संबंध में चर्चा की गई। इसके पश्चात उन्होंने मौजूद श्रमिकों की समस्याएं भी सुनी और निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
श्रीमाली ने कहा कि जिले में टेक्सटाइल एवं अन्य उद्योगों में श्रमिको की संख्या अधिक है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों, कामगारों, रेहड़ी, ठेले वालों तथा परम्परागत व्यवसायों से जुड़े कारीगरों की दक्षता विकास एवं समग्र कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इंदिरा रसोई योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है और वहीं पुरानी पेंशन योजना बहाल कर सरकारी कर्मचारियों को राहत दी गई।
राज्य में शुभशक्ति योजना, निर्माण श्रमिकों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा योजना, निर्माण श्रमिक शिक्षा और सहायता विकास योजना, आवास योजना, निर्माण श्रमिक उपकरण सहायता योजना, प्रसूति सहायता योजना, हिताधिकारी की सामान्य अन्य दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की स्थिति में सहायता योजना के माध्यम से श्रमिकों को विकास के पथ पर लाया जा रहा है।
राज्य में शुभशक्ति योजना, निर्माण श्रमिकों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा योजना, निर्माण श्रमिक शिक्षा और सहायता विकास योजना, आवास योजना, निर्माण श्रमिक उपकरण सहायता योजना, प्रसूति सहायता योजना, हिताधिकारी की सामान्य अन्य दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की स्थिति में सहायता योजना के माध्यम से श्रमिकों को विकास के पथ पर लाया जा रहा है।
श्रमिकों की समृद्धि में वृद्धि की देखरेख करने के लिए मजदूरों और नियोक्ता के बीच स्वस्थ और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाने का कार्य राज्य सरकार कर कर रही हैं। विभिन्न श्रम कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करके श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है। न्यायिक कार्य के माध्यम से मजदूरों को राहत एवं देय लाभ प्रदान करने सहित मुक्त किए गए बाल श्रमिकों की शिक्षा, पुनर्वास और अन्य कल्याण सुनिश्चित की जा रही है।
इस दौरान उप श्रम आयुक्त करण सिंह यादव, इंटक जिलाध्यक्ष दीपक व्यास, विभिन्न ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहें।
