विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की गर्भवती महिलाओं की जांच, एफसीएम इंजेक्शन व निःशुल्क सोनोग्राफी वाउचर किए वितरित
भीलवाड़ा, 9 जून। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के सफल 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में विशेष पीएमएसएमए शिविरों का आयोजन किया गया। व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों के साथ आयोजित इन शिविरों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने पहुंचकर निःशुल्क विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला चिकित्सालयों, जिला चिकित्सालय एवं अन्य चिकित्सा संस्थानों में विशेष पीएमएसएमए सत्र आयोजित किए गए। शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल व पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया गया तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर समयबद्ध उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन लगाए गए। यह उपचार गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी है। इसके अतिरिक्त मां वाउचर योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी हेतु मां वाउचर कूपन भी जारी किए गए। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला व ब्लाॅक स्तर से अधिकारियों द्वारा शिविरों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश स्वास्थ्यकार्मिकों को दिये।
जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. अभिनव निर्वाण ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सा विभाग द्वारा प्रत्येक माह की 9, 18 एवं 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों को कम करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को आयोजित शिविरों में गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, ब्लड शुगर, लंबाई, एचआईवी एवं सिफिलिस, एएनसी जांच सहित विभिन्न आवश्यक जांचें की गईं। साथ ही उन्हें गर्भावस्था के दौरान स्वयं एवं गर्भस्थ शिशु की देखभाल, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव तथा पोषणयुक्त आहार के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कम हीमोग्लोबिन वाली महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में एफसीएम इंजेक्शन लगाए गए तथा अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मां वाउचर योजना के अंतर्गत कूपन वितरित किए गए।
अभियान के दौरान चिकित्सा संस्थानों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से संबंधित प्रचार सामग्री का प्रदर्शन किया गया तथा आमजन को सुरक्षित मातृत्व, नियमित प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
