बच्चों ने कम्प्यूटर का बटन दबाकर पूरी की लाॅटरी प्रक्रिया
उदयपुर, 21 जुलाई। मोहनलाल सुखाड़िया देवास तृतीय एवं चतुर्थ जल अपवर्तन परियोजना के अंतर्गत अधिगृहित गांवों के पात्र विस्थापित परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत भूखण्डों का आवंटन मंगलवार को पूर्ण पारदर्शी व डिजिटल माध्यम से संपन्न किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया उपखंड अधिकारी (गोगुन्दा) एवं भूमि अवाप्ति अधिकारी श्री जगदीश आशिया के दिशा-निर्देशों में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
देवास परियोजना के अधिशासी अभियंता बीरबल डूडी ने बताया कि आवंटन प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु कंप्यूटर आधारित लॉटरी प्रणाली अपनाई गई। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए उपस्थित ग्रामीणों के बीच से छोटे-छोटे मासूम बच्चों को मंच पर आमंत्रित कर उनके हाथों कंप्यूटर का बटन दबवाकर लॉटरी निकाली गई। इससे पूर्व उपस्थित विस्थापित परिवारों को देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना की वर्तमान प्रगति, पुनर्वास नीति के लाभों तथा आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
श्री डूडी ने बताया कि लाॅटरी प्रक्रिया दो सत्रों में हुई। सुबह 11 बजे प्रथम सत्र में ग्राम नाल, नाथियाथल, उण्डीथल एवं डेलावास के विस्थापित परिवारों हेतु भूखण्ड आवंटन संपन्न हुआ। वहीं अपराह्न 3 बजे द्वितीय सत्र में ग्राम नयावास एवं अंबावा के विस्थापित परिवारों हेतु भूखण्ड आवंटन प्रक्रिया की गई। इस दौरान राजस्व विभाग से तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक, क्षेत्रीय पटवारी सहित देवास परियोजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल तकनीक, कंप्यूटर लॉटरी और बच्चों की सहभागिता से संपन्न हुई इस पारदर्शी प्रक्रिया से विस्थापित परिवारों में अत्यंत प्रसन्नता देखी गई। पारदर्शी व्यवस्था के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग का आभार व्यक्त किया।
