उदयपुर, 26 जून 2026। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एम.पी.यू.ए.टी.), उदयपुर का अनुसंधान सराहनीयरू कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर में राजस्थान सरकार के कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने की, जबकि आयोजन एवं संचालन निदेशक अनुसंधान डॉ. आर. एल. सोनी के निर्देशन में संपन्न हुआ। बैठक के प्रारंभ में डॉ. आर. एल. सोनी ने कृषि आयुक्त एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की अनुसंधान गतिविधियों एवं किसान हित में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।
इसके पश्चात अनुसंधान के संभागीय निदेशक डॉ. एस. एस. लखावत ने विश्वविद्यालय की प्रमुख अनुसंधान उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों के विकास, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए विकसित नवीन तकनीकों एवं विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से कृषि आयुक्त को अवगत कराया। साथ ही आरकेवीवाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजना का भी विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
प्रस्तुतीकरण से प्रभावित होकर कृषि आयुक्त श्री गोयल ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के कल्याण एवं कृषि उन्नयन के लिए किए जा रहे समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने परियोजनाओं के तहत तैयार किए गए खाद्य उत्पादों की सराहना की और ग्रामीण महिलाओं द्वारा उद्यमी के रूप में इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित हुए। उन्होंने कहा कि एमपीयूएटी का शोध कार्य राज्य के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बैठक के उपरांत कृषि आयुक्त ने विश्वविद्यालय की विभिन्न अनुसंधान एवं उत्पादन इकाइयों, विशेष रूप से मशरूम उत्पादन एवं अनुसंधान इकाई तथा प्राकृतिक खेती केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने इन केंद्रों पर किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी तकनीकों का विकास कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास कार्यों को सुदृढ़ बनाने के लिए कृषि विभाग की ओर से जो भी संभव सहयोग होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाताओं, निदेशकों, विभागाध्यक्षों, वैज्ञानिकों, आरकेवीवाई परियोजनाओं के समन्वयकों तथा कृषि विभाग से अतिरिक्त निदेशक डॉ. निरंजन सिंह राठौर, संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
