जनम परियोजना के माध्यम से पीएचसी एवं सीएचसी से दूर ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल प्रसवपूर्व, प्रसवोत्तर एवं सुरक्षित प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल
उदयपुर.आंगनवाड़ी केंद्र मदार में महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित मातृत्व को लेकर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम युवा सामाजिक कार्यकर्ता आरोही मुर्डिया की जनम (JANAM – Mobile Antenatal, Safe Delivery & Postnatal Care Initiative) परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य ऐसे गांवों तक गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उपलब्ध नहीं हैं या उनकी पहुंच सीमित है।
इस अवसर पर आरोही मुर्डिया ने कहा, हर गर्भवती महिला को समय पर जांच, सही पोषण, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में प्रसव तथा प्रसव के बाद उचित देखभाल मिलना उसका अधिकार है। जनम परियोजना का उद्देश्य किसी भी महिला को केवल दूरी या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में प्रसव के लिए मजबूर नहीं होने देना है। हमारी मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां गांवों तक पहुंचकर डॉक्टर, नर्स, आवश्यक दवाइयां और सुरक्षित एवं स्वच्छ प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेंगी।
सत्र में प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा ने गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, संतुलित पोषण, आयरन एवं फोलिक एसिड की आवश्यकता, समय पर टीकाकरण तथा खतरे के संकेतों की पहचान पर महिलाओं को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व के लिए केवल चिकित्सकीय सलाह ही नहीं, बल्कि स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में प्रसव और जन्म के बाद मां एवं नवजात की उचित देखभाल भी अत्यंत आवश्यक है, जो ‘जनम’ परियोजना के मूल उद्देश्य से जुड़ा हुआ है।
आरोही मुर्डिया ने बताया कि जनम परियोजना गांव-गांव तक मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रसवपूर्व जांच, सुरक्षित एवं स्वच्छ प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा नवजात शिशु की शुरुआती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। परियोजना के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक दवाइयों एवं बुनियादी उपकरणों से सुसज्जित मोबाइल इकाइयों के माध्यम से उन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी, जहां आज भी महिलाओं को प्रसव के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय महिलाओं ने इस जागरूकता सत्र को अत्यंत उपयोगी बताया। कई गर्भवती महिलाओं ने डॉ. पूजा से व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे तथा अपनी समस्याएं साझा कीं।
इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ प्रत्येक महिला तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होंगे। जनम परियोजना भविष्य में भी विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित गांवों में ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में जनम टीम ने सभी महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े रहने तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। स्वास्थ्य जागरूकता और सुरक्षित प्रसव ही स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं।
