योजनाओं की सार्थकता तभी जब उनका लाभ वंचित पात्र व्यक्ति तक पहुंचे- चेयरमैन श्री बुढानिया
उदयपुर, 25 जून। राजस्थान विधानसभा की पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति ने गुरुवार को उदयपुर जिले का दौरा कर पिछड़े वर्गों के उत्थान एवं कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समिति अध्यक्ष एवं तारानगर विधायक श्री नरेंद्र बुढानिया की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की स्थिति तथा बजट आवंटन की समीक्षा की गई। बैठक में समिति सदस्य एवं चूरू विधायक श्री हरलाल सहारण तथा मुंडावर विधायक श्री ललित यादव भी उपस्थित रहे।
समिति अध्यक्ष नरेंद्र बुढानिया ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं वास्तव में आमजन तक पहुंच रही हैं या नहीं, इसकी समीक्षा करना समिति का प्रमुख दायित्व है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा दिए जाने वाले सुझाव विधानसभा में प्रस्तुत किए जाते हैं, जिनके आधार पर आवश्यक नीतिगत निर्णय एवं सुधार किए जाते हैं। उन्होंने भविष्य में विधानसभा परिसर में इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम आयोजन की योजना पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समिति तीन माह पश्चात उक्त बैठक में प्रदत्त निर्देशों की पुनः समीक्षा करेगी।
बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने ओबीसी एवं एमबीसी वर्गों के उत्थान से जुड़े विभिन्न सुझाव समिति के समक्ष रखे। अध्यक्ष बुढानिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा ओबीसी, एमबीसी एवं अन्य वंचित वर्गों के बीच योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
अधिकारियों ने विभागवार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया
समिति ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं में ओबीसी वर्ग से प्राप्त आवेदनों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही श्रम विभाग, कृषि विभाग की योजनाओं, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, स्वयं सहायता समूहों से संबंधित कार्यक्रमों तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं में ओबीसी एवं एमबीसी वर्ग के लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की।
बैठक में विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जिले में प्रगति एवं लाभार्थियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समिति ने विभिन्न योजनाओं में बजट आवंटन एवं व्यय की स्थिति की भी समीक्षा की। इस अवसर पर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरमा राम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, समाजसेवी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आपदा पूर्व चेतावनी के लिए “सचेत” एप करें डाउनलोड
उदयपुर, 25 जून। प्राकृतिक आपदाओं से समय रहते लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “सचेत” (एसएसीएचईटी) मोबाइल ऐप को डाउनलोड एवं उपयोग करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि यह ऐप कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल आधारित एकीकृत प्रणाली पर कार्य करता है, जिसके माध्यम से एसएमएस, मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए नागरिकों तक स्थानीय भाषा में क्षेत्र विशेष के लिए त्वरित आपदा चेतावनी पहुंचाई जाती है। ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सचेत ऐप समय पर चेतावनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जान-माल की हानि को रोकने में कारगर साबित होगा। इस हेतु श्री राठौर ने जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत ऐप डाउनलोड कर नियमित रूप से उपयोग में लेने के लिए निर्देश प्रदान किए हैं।
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