-वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर से चल रहे आयोजनों का होगा विराट समापन
-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे संबोधितउदयपुर, 3 जून। महाराणा प्रताप जयंती एवं हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती (450 वर्ष) के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में 17 जून को होने जा रही विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा का न्योता बुधवार को मेवाड़ के आराध्य भगवान बोहरा गणेशजी के चरणों में समर्पित किया गया। उल्लेखनीय है कि इस विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे।
रिद्धि-सिद्धि के दाता प्रथम पूज्य भगवान गणपति के वंदन और जयघोष के साथ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति व प्रताप गौरव केन्द्र के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र चेतना संकल्प सभा का निमंत्रण पत्र बोहरा गणेशजी को समर्पित करते हुए वहां उपस्थित श्रद्धालुओं को भी हल्दीघाटी की गाथा के पत्रक बांटे और उनसे 17 जून के कार्यक्रम में पधारने का आग्रह किया।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि प्रथम पूज्य भगवान बोहरा गणेशजी को न्योतने के साथ ही सम्पूर्ण मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में घर-घर तक हल्दीघाटी विजय गाथा पहुंचाने का अभियान आरंभ हो गया। बुधवार प्रातः वेला में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष डॉ. भगवतीप्रकाश शर्मा, महामंत्री दीपक शुक्ला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हेमेन्द्र श्रीमाली, प्रकाश फुलानी, नारायण गमेती, डॉ. कौशल शर्मा, सुभाष भार्गव, विष्णुशंकर नागदा, जयदीप आमेटा, डॉ. विवेक भटनागर, डॉ. रमन सूद आदि कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे और उन्होंने वंदन-निमंत्रण के बाद मंदिर परिसर में पत्रक बांटे।
कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि 17 जून को महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउंड में होने वाली सभा में सम्पूर्ण मेवाड़-वागड़ से बड़ी संख्या में समाजजन भाग लेंगे। आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मेवाड़-वागड़ के गांव-ढाणी तक हल्दीघाटी विजय की गौरव गाथा पहुंचाई जाएगी। क्षेत्रवार समितियों के गठन, जनसंपर्क अभियान और वीर-गाथाओं पर आधारित लघु नाटिकाओं के मंचन की भी तैयारी की जा रही है। गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में हल्दीघाटी सार्द्ध चतुःशती के अंतर्गत वर्ष भर से चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों का समापन भी होगा।
