देश में बनी उन वस्तुओं को अपनायें जिसमें भारतीय पसीना बहा होः कृतार्थप्रभाश्री
उदयपुर। सूरजपोल दादावाड़ी उदयपुर में प. पू. साध्वीश्री विरल प्रभा श्रीजी, विपुल प्रभाश्री एवं साध्वीश्री कृतार्थ प्रभाश्री मा.सा की पावन निश्रा में आयोजित कार्यक्रम में साघ्वीश्री कृतार्थ प्रभा श्रीजी मा.सा ने विदेशी वस्तुओं के आकर्षण के बारे बताते हुए कहा कि हमें अपने देश की वस्तुओं को ही अपनाना चाहिए जिसमें भारतीयों का पसीना बहा हो। वस्त्रों और खानपान की समृद्ध भारतीय विरासत को नहीं छोड़ना चाहिए और बाहरी अनजानी वस्तुओं तथा फल आदि खाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर, उपाश्रय ,भोजन शाला में कभी भी अभद्र वस्त्रों को पहन कर नहीं जाना चाहिए इसके लिए बाहर ही…
