जो वाणी पर संयम नही रखता वो रिश्तें बचाने में भी सफल नही हो पाताःविरलप्रभाश्री
उदयपुर। सूरजपोल स्थित दादाबाड़ी में साध्वी विरल प्रभा श्रीजी ने कहा कि जब जीव को कोई स्वीकार करता हैं तो से सबसे पहले बताते हैं कि कैसे बोलना है? वचन पर संयम रखकर बोलना है। जो वाणी पर संयम नही रखता वो रिश्तें बचाने में भी सफल नही हो पाता। ऐसे व्यक्तियों के आसपास देखना कि सभी उससे दूर रहेंगे। संयम की साधना करें। मीठी वाणी बोलें। लोग अपनी ओर आकर्षित हैं। भाषा में क्रोध रखेंगे तो बच्चे भी पास नही आएंगे। कोयल आकृष्ट करती है वहीं कौए से सब दूर रहते हैं। चाय में शक्कर न हो चलेगा लेकिन…
