उदयपुर। ग्राम पंचायत अमरपुरा में आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र के तत्वावधान में एक दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ और व्यसनमुक्त जीवनशैली के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जोगेंद्र सिंह ने संस्थान की विभिन्न सेवाओं और प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए बताया कि नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए संस्थान में निःशुल्क उपचार एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और चिकित्सकीय सहयोग से व्यक्ति पुनः सामान्य जीवन में लौट सकता है।
संस्थान के कर्मचारी विजयपाल सिंह सिसोदिया ने नशे को सामाजिक अभिशाप बताते हुए इसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है, सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है और पारिवारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न करता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग स्टाफ गीता मीणा ने तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि ये लिवर, फेफड़ों और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ओआरडब्ल्यू सागर बलोची ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही सहयोग से किसी भी प्रकार के नशे से मुक्ति पाना संभव है। उनके प्रेरक उदाहरणों ने उपस्थित लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। समापन अवसर पर सभी ग्रामीणों एवं युवाओं को जीवनभर नशा मुक्त रहने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर नारायण सिंह राणावत, काउंसलर राकेश सिंह, रीना धोबी, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, श्वेता कुंवर सहित ग्राम पंचायत की सरपंच, सचिव प्रेमलता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अमरपुरा में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता शिविर, ग्रामीणों ने लिया व्यसनमुक्त जीवन का संकल्प
