विद्यापीठ – मातृ संस्था की व्यवस्थापिका की बैठक सम्पन्न
मातृ संस्था व विवि का 80 करोड़ रू. के वार्षिक बजट को किया पारित
जनुभाई के सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प ….
उदयपुर 07 मई / राजस्थान विद्यापीठ की मातृ संस्था जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ कुल की व्यवस्थापिका एवं साधारण सभा के सदस्यों की बैठक बुधवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय के सभागार में कुल प्रमुख एवं कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर की अध्यक्षता व कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक में 2025-26 के लिए मातृ संस्था एवं विश्वविद्यालय का 80 करोड़ रू. का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में पिछले दिनों पहलगाव में हुए आतंकी हमले में दिवंगत हुए के प्रति दो मिनिट का मोन रखकर गहरी संवेदना व्यक्त की गई। भारतीय सेना द्वारा रात्रि को किये गये ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्यवाही की सभी सदस्यों ने एक स्वर में सेना के पराक्रम की सराहना की।
कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने बताया कि नवीन सत्र से कुराबड़ स्थित बेमला में पूर्व में संचालित योगिता एज्यूकेशन सोसायटी को मातृ संस्था ने टेकऑवर कर लिया है जिसमें नवीन सत्र से विद्यापीठ द्वारा विद्यालय एवं महाविद्यालय संचालित करने के साथ रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों को भी संचालित किया जायेगा। बैठक में डिफेंस अकादमी खोलने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया गया। संस्था को ओर अधिक उंचाईयों पर पहुंचाने व वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए आवश्यक गुणात्मक अकादमिक शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में ओर अधिक कार्य करने पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि संस्थापक जनुभाई ने आजादी के 10 वर्ष पूर्व 1937 में पांच कार्यकर्ता एवं तीन रूपये के बजट से शुरू आज संस्थान का 80 करोड़ का वार्षिक बजट है व 10 हजार से अधिक विद्यार्थी नियमित अध्ययनरत है जिसका श्रेय मैं संस्थान के निष्ठावान एवं ईमानदार कार्यकर्ताओं को देना चाहूंगा जिसकी बदौलत संस्था आज इस मुकाम पर है। संस्थान ने शिक्षा के हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। 1987 में यूजीसी ने संस्थान को पांच कोर्स के साथ विश्वविद्य़ालय का दर्जा प्रदान किया था, आज 75 से अधिक मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि नवीन सत्र से विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीफार्मा पाठ्यक्रम संचालित किया जायेगा जिसकी तैयारियॉ अंतिम स्तर पर है, नवीन सत्र से एग्रीकल्चर महाविद्यालय में विद्यार्थी जेट के द्वारा भी प्रवेश ले सकेंगे। प्रतापनगर परिसर में नवीन सत्र से अत्याधुनिक 120 बेड़ वाले हॉस्टल का शुभारंभ किया जायेगा जिसमें विद्यार्थी को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। श्रमजीवी महाविद्यालय परिसर में बनाई जा रही राजस्थान की सबसे उत्कृष्ट शूटिंग रेंज का कार्य अंतिम स्तर पर है इसका शुभारंभ में अतिशीघ्र नवीन सत्र से किया जायेगा जिससे शहर के युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
प्रारंभ में सचिव भैरूलाल लौहार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में उदयपुर, अजमेर, हटुण्डी व झाड़ोल के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, डॉ. युवराज सिंह राठौड़, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. ओम पारीक सहित कार्यकर्ताओं ने संस्थान को ओर अधिक उंचाईयों पर ले जाने के लिए अपने सृजनात्मक सुझाव दिये।
बैठक में पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, संगठन सचिव प्रवीण गुर्जर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, भेरूलाल लौहार, डॉ. युवराज सिंह राठौड़, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, डॉ. रविकांत यादव, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमी राठौड़, डॉ. अलका देपड़ा, डॉ. कुलशेखर व्यास, डॉ. चन्द्रेश छतलानी, डॉ. संतोष लाम्बा, रामप्रकाश चौहान, डॉ. अमिया गोस्वामी, बालकृष्ण शुक्ला, बीएल डांगी, डॉ. ओम पारीक, डॉ. विजय दलाल, उमराव सिंह राणावत, डॉ. मनोज रायल, डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. मधु मुर्डिया सहित सदस्य उपस्थित थे।
