दिल के दोनों ऊपरी चैम्बरों में फैले विशाल ट्यूमर को 6 घंटे चली सर्जरी में निकाला
उदयपुर, 11 मई। रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में चिकित्सकों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण हार्ट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। विभाग द्वारा गत 8 मई को चित्तौड़गढ़ निवासी 55 वर्षीय मरीज के दिल से विशाल ट्यूमर निकालने की जटिल सर्जरी की गई। जानकारी के अनुसार मरीज के दिल के अंदर अत्यधिक बड़ा ट्यूमर विकसित हो गया था, जिसने दिल के दोनों ऊपरी चैम्बरों को लगभग पूरी तरह भर दिया था। यह ट्यूमर दिल के बाएं एट्रियम की दीवार, माइट्रल वाल्व तथा दोनों एट्रियम के बीच की दीवार से जुड़ा हुआ था। इसके कारण मरीज को सांस लेने में गंभीर परेशानी, हार्ट फेलियर तथा फेफड़ों में पल्मोनरी हाइपरटेंशन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
मरीज ने विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. विनय नैथानी से परामर्श लिया। चिकित्सकों ने मरीज और परिजनों को सर्जरी के अत्यधिक जोखिमपूर्ण होने तथा इसमें 30 से 40 प्रतिशत तक मृत्यु की आशंका के बारे में जानकारी दी। इसके बावजूद मरीज और परिजनों ने सर्जरी के लिए सहमति प्रदान की। डाॅ विनय नैथानी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने ओपन हार्ट सर्जरी करते हुए कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट तकनीक के माध्यम से ऑपरेशन किया। प्रारंभ में सर्जिकल टीम ने दाएं एट्रियम के रास्ते ट्यूमर निकालने का प्रयास किया, लेकिन ट्यूमर के अत्यधिक बड़े आकार और बाएं एट्रियम की दीवार तथा माइट्रल वाल्व से मजबूत जुड़ाव के कारण बाएं एट्रियम को भी खोलना पड़ा। चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानीपूर्वक प्रक्रिया अपनाते हुए ट्यूमर को एक ही हिस्से में सफलतापूर्वक निकाल लिया।
सर्जरी के दौरान दोनों एट्रियम की दीवारें अत्यंत पतली होने के कारण उनकी मरम्मत करना भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 6 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद मरीज को सफलतापूर्वक कार्डियोपल्मोनरी बाईपास मशीन से हटाकर आईसीयू में शिफ्ट किया गया। बाद में मरीज को वेंटिलेटर से भी हटा दिया गया तथा अब वह सामान्य भोजन ले रहा है। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया टीम में डॉ. उदिता नैथानी एवं डॉ. महेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं ऑपरेशन में डॉ. ज्योतिंद्र, डॉ. अतुल, नर्सिंग स्टाफ सदस्य संतोष तथा परफ्यूजनिस्ट गौतम ने सहयोग प्रदान किया।
