शिक्षकों को बेसिक, एडवांस एवं प्री.एच. डब्ल्यू.बी कोर्स करवाया गया
सरकार की प्रत्येक स्कूल में स्काउट गतिविधि अनिवार्य करने की कयावद
उदयपुर 11 मई । शासन सचिव, स्कूल शिक्षा एवं कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा के आदेशों की अनुपालना में राजस्थान सरकार की 100 दिवसीय कार्ययोजना की पालना अनिवार्यतः सुनिश्चित कराने के परिपेक्ष में संभाग के समस्त राजकीय विद्यालयों में स्काउटिंग का अनिवार्य रूप से संचालन करवाने जाने हेतु संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा उदयपुर के आदेश पर हिन्दुस्तान स्काउट्स एण्ड गाइड्स राजस्थान राज्य को आवंटित एवं हिंदुस्तान स्काउट से पंजीकृत राजकीय निजी विद्यालयों के स्काउट प्रभारी अध्यापको ने दिनांक 04 से 10 मई तक शिविर स्थल- कला आश्रम, आयुवेदिक कॉलेज, ढोलीघाटी, बांसडा, गोगुन्दा (उदयपुर) में सात दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया । संभाग स्तरीय शिविर में आए शा.शि., व्याख्याता व. अध्यापक एवं अध्यापक, अध्यापिकाओं को हिन्दुस्तान स्काउट्स एण्ड गाइड्स राजस्थान राज्य द्वारा कब मास्टर -फ्लॉक लीडर स्काउट मास्टर-गाइड केप्टन का बेसिक एडवांस प्री.एच.डब्ल्यू.बी. कोर्स का प्रशिक्षण दिया गया।
सात दिवसीय आवासीय शिविर में उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, चित्तौड़, राजसमंद, डूंगरपुर, सलूंबर जिले के विभिन्न स्कूलों से आए शिक्षकों ने अपनी योग्यता अनुसार स्काउटिंग का अलग अलग बेसिक, एडवांस व प्री.एच.डब्ल्यू.बी.का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 4 मई को शुरू हुआ शिविर रविवार को सर्व धर्म सभा के साथ संपन्न हुआ । शिविर के दौरान हिंदुस्तान स्काउट के राज्य सचिव नरेंद्र ऑदिच्य ने शिविर का औचक निरीक्षण किया और शिविर संचालक दल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए व शिक्षकों से आव्हान किया कि वे अपने अपने जिलों में जाकर राजकीय विद्यालयों में स्काउटिंग को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करते हुए स्काउटिंग गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करें ।
संभाग आयुक्त गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि प्रथम दिन पंजीकरण एवं आवास व्यवस्था, टोली गठन, दैनिक दिनचर्या की जानकारी, प्रशिक्षण का महत्व, उद्देश्य, टोली नायक बैठक एवं प्रशिक्षण दल की बैठक आयोजित की गई । दूसरे दिन योग, व्यायाम एवं सेवा कार्य, निरीक्षण, प्रार्थना, ध्वजारोहण व सुविचार, लॉग बुक की आवश्यकता, लॉग बुक बनाने का तरीका, सेवा टोली की आवश्यकता, कार्यों का बटवारा, खाली समय का सदुपयोग, स्काउटिंग क्या है, व आज के समय में स्काउटिंग की उपयोगिता, स्काउटिंग के इतिहास आदि की जानकारी दी गई। तीसरे दिन स्काउट आंदोलन के सिद्धांत, बालक का प्रगतिशील प्रशिक्षण, स्काउट के नियम, प्रतिज्ञा, चिन्ह, सेल्यूट, आदर्श वाक्य, खोज के चिन्ह, नक्शा, दिशा ज्ञान सैल्यूट, बाया हाथ मिलाना, कैंप फायर का प्रशिक्षण दिया गया । चैथे दिन राष्ट्रीय ध्वज, हिंदुस्तान स्काउट गाइड ध्वज एवं वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस स्काउट के विश्व ध्वज के बारे में जानकारी, समेटने, ध्वज चढ़ाने, फहराने और उतारने की विधि, स्काउट यूनिफॉर्म की जानकारी, महापुरुषों की जीवनी, यूनिट लीडर की योग्यता, नेतृत्व व आचरण के बारे में बताया गया। पांचवें दिन प्राथमिक उपचार, स्काउटिंग की गांठे, सिटी के संकेत, हाथ के संकेत खोज के चिन्ह, यूनिफॉर, ध्वज शिष्टाचार, मनोरजनात्मक गतिविधि, संगठनात्मक ढांचा, स्काउटिंग में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी के पदेन पद के बारे में जानकारी दी गई। छठे दिन हाईकिंग के तहत,महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थली,गोगुंदा गणेश,प्रसिद्ध मायरा की गुफा,बुद्धेश्वर महादेव सेमटाल की यात्रा करवा कर स्थानीय इतिहास की जानकारी दी गई। अंतिम दिन सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ ही शिविर का समापन हुआ। सात दिन चले शिविर के अलग अलग सत्रों में शिक्षकों को हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड के राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्का.) व शिविर प्रभारी प्रदीप मेघवाल, शिविर प्रशिक्षण प्रभारी व राज्य मुख्यालय आयुक्त मुकेश कुमार,सह प्रशिक्षण प्रभारी व संभाग सचिव मदन लाल वर्मा,शिविर सह प्रभारी व सहायक राज्य संगठन आयुक्त शांता वैष्णव, जिला ऑर्गेनाइजर गजेन्द्र वैष्णव,जिला सचिव रमा जैन,जिला संयुक्त सचिव तुलसी चन्डात्त ने प्रशिक्षण दिया।अंतिम दिन शिक्षकों को प्राप्त प्रशिक्षण के अनुरूप प्रमाण पत्रों जारी किए गए।
स्काउटर गाइडर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर कला आश्रम गोगुंदा में संपन्न
