उदयपुर, 24 अप्रैल। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर में शनिवार, 25 अप्रैल को 27वां विश्व पशुचिकित्सा दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
संस्थान के उपनिदेशक डॉ. द्वारका प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ पशुचिकित्सक और संस्थान के प्रशिक्षणार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। डॉ. गुप्ता के अनुसार, इस वर्ष विश्व पशुचिकित्सा दिवस की थीम “पशुचिकित्सक- भोजन और स्वास्थ्य के संरक्षक” रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य फार्म से थाली तक की प्रक्रिया में पशुचिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करना है। पशुचिकित्सक यह सुनिश्चित करने में अहम कड़ी हैं कि पशुओं से प्राप्त भोजन सुरक्षित, पौष्टिक और जिम्मेदारी के साथ उत्पादित हो। पशुचिकित्सक न केवल खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करते हैं, बल्कि वे जूनोटिक रोगों की रोकथाम, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ स्वास्थ्य सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में कार्य करते हैं। वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश साहू ने बताया कि पशु चिकित्सा दिवस पर संस्थान में पशु चिकित्सा के महत्व पर संगोष्ठी, जागरूकता रैली, निबंध प्रतियोगिता आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
भारत में शालिहोत्र दिवस के रूप में पहचान
संस्थान की वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. पदमा मील एवं डॉ. ममता सोनी ने बताया कि भारत में साल 2000 से ही यह दिवस मनाया जा रहा है। विशेष बात यह है कि भारत में इसे शालिहोत्र दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई है। प्राचीन भारतीय इतिहास में महर्षि शालिहोत्र को विश्व का प्रथम पशुचिकित्सक माना जाता है, जो भारतीय पशु चिकित्सा पद्धति की समृद्ध विरासत का प्रतीक हैं।
