पुष्प वाटिका के मनोहारी दृश्य और भगवान परशुराम – लक्ष्मण संवाद ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

तेहि छन राम उठाइ धनु लीन्हा। दामति दामिनि जिमि घन कीन्हा॥

उदयपुर, 12 अक्टूबर। श्री राम लीला समिति के तत्वावधान में उदयपुर के निम्बार्क महाविद्यालय में चल रही राम लीला क् चौथा दिवस प्रभु श्री राम और माता जानकी के मिलन की वेला और राजा जनक की सभा में भगवान शिव के धनुष को भंग करने के प्रसंग से सजा।

राजा जनक के दरबार में जैसे ही प्रभु श्री राम ने आगे बढ़कर शिव धनुष को अपने हाथों में उठाया और उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई, एक भयंकर और गूंजने वाली आवाज के साथ वह विशाल धनुष टूट गया। इसके साथ ही रामलीला प्रांगण जयकारों से गूंज उठा। जनकसभा में देवताओं ने पुष्पवर्षा की और सभी संत-महात्माओं ने प्रभु की जय-जयकार की।

आयोजन संयोजक डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी ने बताया कि शाम को जब रामलीला मैदान में मंच सजा, तो सबसे पहले पुष्प वाटिका का दृश्य दिखाया गया। इसमें भगवान राम और लक्ष्मण जी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर फूल चुनने के लिए राजा जनक की सुंदर वाटिका में जाते हैं। उसी समय माता सीता भी वहां मां गौरी की पूजा करने आती हैं। जब श्री राम और माता सीता परस्पर एक-दूसरे के समक्ष आने के प्रसंग का कलाकारों ने सजीव और आकर्षक तरीके से पेश किया, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

इसके बाद राजा जनक के दरबार में धनुष यज्ञ का मुख्य प्रसंग शुरू हुआ। देश-विदेश से आए बड़े-बड़े राजा, युवराज भगवान शिव के भारी धनुष को हिला भी नहीं पाए। राजा जनक के निराश होने पर गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम अत्यंत विनम्रता के साथ आगे बढ़े। जैसे ही प्रभु राम ने शिव धनुष को उठाया और उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई, वह जोरदार आवाज के साथ टूट गया।

धनुष टूटते ही आकाश से फूलों की वर्षा होने लगी और प्रांगण ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने आगे बढ़कर श्री राम के गले में वरमाला डाली तो श्रद्धालु भावविह्वल हो उठे, श्रद्धा और प्रेम से आंखें नम हो गईं।

इस प्रसंग के बाद क्रोधी स्वभाव वाले महर्षि परशुराम का दरबार में आगमन हुआ। महर्षि परशुराम का गुस्सा और लक्ष्मण के साथ उनका तीखा व हास्य-विनोद से भरा संवाद देखकर दर्शक रोमांचित हो गए। अंत में, भगवान राम के शांत और मीठे वचनों से महर्षि परशुराम का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने प्रभु श्री राम को पहचानकर आशीर्वाद प्रदान किया।

अतिथियों का सम्मान

आरम्भ में समिति के अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने मंगलवार को शाम 6 बजे अस्थल आश्रम से निकलने वाली राम बारात में सभी धर्मप्रेमियों को पधारने का न्योता दिया।

समिति के महासचिव भंवर लाल शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर अतिथि नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष युवा समाजसेवी डॉ. प्रशांत अग्रवाल, समाजसेवी राजेन्द्र कोठारी, महाकाल मंदिर ट्रस्ट के चंद्रशेखर दाधीच, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भरत जोशी, तेली समाज के अध्यक्ष हेमेंद्र साहू, चौथमल मंगरोरा, चंपालाल धर्मशाला के गिरीश माहेश्वरी,  समाजसेवी रमाकांत अजारिया, धर्मोत्सव समिति के दिनेश मकवाना, वरिष्ठ कवि प्रकाश नागौरी, समाजसेवी रामचन्द्र अग्रवाल, समाजसेवी बाबूलाल शर्मा का सम्मान किया गया।

समिति के कार्यकर्ता अशोक बाबेल, राकेश खत्री, दीपक डांगी, धरणीधर तिवारी, हरीश मारवाड़ा, प्रमिला बाबेल, अंजना जोशी, चैनशंकर दशोरा, चेतन माली, कृष्णकांत जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।

आज निकलेगी राम बारात

-रामलीला के पांचवें दिन श्री राम जानकी विवाह, दशरथ प्रतिज्ञा, कैकयी वरदान, श्री राम वन गमन के प्रसंग होंगे। इससे पहले सायंकाल 6 बजे अस्थल मन्दिर से राम बारात निकाली जाएगी। उललेखनीय है कि वृंदावन के पुष्टिमार्गीय श्री कृष्ण लीला संस्थान के वेदप्रकाश भारद्वाज और घनश्याम शर्मा के सान्निध्य में 40 कलाकार मंचन कर रहे हैं।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!