सकारात्मक भाषा और सोच से सफलता का मार्ग प्रशस्तःडॉ. स्वीटी छाबड़ा
उदयपुर। रोटरी क्लब दृष्टि एवं एनआईसीसी एज्यूकेशनल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आर.के. पुरम स्थित द स्कॉलर्स एरिना सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं बी.एड. कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय ‘अध्यापक अभिनव कार्यक्रम – मंथन 2026’ कार्यशाला का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच, प्रभावी संवाद एवं आत्मविकास पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एनआईसीसी की निदेशक, रोटरी क्लब दृष्टि की पूर्वाध्यक्ष एवं मेंटल हेल्थ एंड हीलिंग कोच डॉ. स्वीटी छाबड़ा ने शिक्षकों को स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कुंडलिनी एवं चक्र जागरण के माध्यम से आत्मविकास और लक्ष्य प्राप्ति की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि व्यक्ति को सदैव सकारात्मक भाषा का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि सकारात्मक विचार और शब्द हमारे आसपास सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “मुझे याद नहीं रहता” जैसे नकारात्मक वाक्यों के स्थान पर “मुझे सब याद रहता है” जैसे सकारात्मक वाक्यों का प्रयोग आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यशाला के दौरान 100 से अधिक शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए जीवन मूल्यों एवं सोच में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव किया।
प्रथम दिवस के मुख्य वक्ता एवं संस्थान के प्राचार्य डॉ. लोकेश जैन ने ‘भाषा संप्रेषण को प्रभावी कैसे बनाया जाए’ विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने शुभकामना, शुभचिंतक, अनुभूति एवं परानुभूति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि व्यक्तित्व निर्माण और प्रभावी शिक्षण में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मधुर एवं विनम्र भाषा न केवल व्यक्ति के कार्यों को सहज बनाती है, बल्कि कक्षा का वातावरण भी सकारात्मक और प्रेरणादायी बनाती है।
कार्यक्रम में संस्थान की निदेशिका डॉ. शर्मिला जैन, सचिव विदुषी जैन, मुख्य अकादमिक निदेशिका डॉ. माया त्रिवेदी, स्वामी नगर शाखा की मुख्य अकादमिक निदेशिका संतोष चूण्डावत, अकादमिक निदेशिका प्रियंका चितौड़ा, अकादमिक प्रभारी पंकज मिश्रा एवं श्रीमती शीतल कोठारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शीतल कोठारी एवं श्रीमती बॉनी डेलेमोस ने किया। अंत में विदुषी जैन ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
‘मंथन 2026’ में शिक्षकों को मिला सकारात्मक सोच और प्रभावी संवाद का मंत्र, 100 से अधिक शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
