नियम और मर्यादा से जीवन को मिलती है सही दिशाःडॉ.राजेंद्र मुनि
देवेंद्र धाम में प्रवचन सभा में बोले,मानव जीवन को संयम, अनुशासन और सद्कार्यों से बनाएं सार्थक उदयपुर। जन्म और मरण जीवन के शाश्वत सत्य हैं, लेकिन इनके बीच मिला मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ और मूल्यवान है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन का सदुपयोग करते हुए इसे नियम, अनुशासन, संयम और सद्कार्यों से सार्थक बनाना चाहिए। यह विचार डॉ.राजेंद्र मुनि ने 3 सितंबर को देवेंद्र धाम में आयोजित प्रवचन सभा में व्यक्त किए। डॉ. राजेंद्र मुनि ने कहा कि मानव जीवन की वास्तविक सार्थकता केवल व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं में नहीं, बल्कि संयमित एवं व्यवस्थित जीवन जीते हुए समाज और राष्ट्र के हित…
