चतुर, चंचल, चपल गजाननजी को बच्चों का आदर्श बनाएं – सुशील महाराज

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

-सनातनी चातुर्मास में शनिवार को होगा हिण्डोलना मनोरथ

उदयपुर, 18 अगस्त। प्रथम पूज्य गजानन महाराज को प्रथम पूज्य का मान उनके बुद्धिकौशल, नम्रता व ऐसे ही विविध गुणों के कारण प्राप्त हुआ। चतुर, चंचल, चपल गजाननजी को हमें बच्चों का आदर्श बनाना चाहिए, जिससे बच्चों में संस्कारों के साथ बुद्धिकौशल का भी विकास हो। गजानन गणपति गुणों के भण्डार हैं।

यह बात अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास सुशील महाराज ने शुक्रवार को यहां बड़बड़ेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सनातनी चातुर्मास के तहत चल रही शिव महापुराण कथा में कही। उन्होंने भगवान गणेश के जन्मोत्सव के बाद के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गणपति गजानन में कार्य करने की अद्भुत क्षमता है। कई देशों में गणेशजी महाराज पूजे जाते हैं। मुस्लिम राष्ट्र इंडोनेशिया में बीस हजार के नोट पर गणेशजी महाराज का चित्र छपा हुआ है।

उन्होंने गणेशोत्सव के तहत गजानन महाराज की प्रतिमा के विसर्जन के लिए कहा कि प्रतिमा का विसर्जन जल में न करें। प्रतिमा पर लगाया गया रंग जल को दूषित करता है। प्रतिमा का विधिवत पूजन कर भू-समाधिस्थ किया जा सकता है।

मीडिया संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि शनिवार को सावन की तीज पर सनातनी चातुर्मास में हिण्डोलने का मनोरथ होगा। बड़बड़ेश्वर महादेव के प्रांगण में दिगम्बर खुशाल भारती महाराज के सानिध्य में सनातनी चातुर्मास में नित्य प्रति अनुष्ठानों का क्रम जारी है। चातुर्मास के तहत 15 अक्टूबर से 21 नवम्बर तक 54 कुंडीय मां बगलामुखी का हवन होगा। विश्व में अभी तक ऐसा अनुष्ठान कहीं नहीं हुआ है। शुक्रवार को समाजसेवी श्रीरत्न मोहता ने कथा व्यास सुशील महाराज को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तिरंगा बैज लगाकर शुभकामनाएं प्रदान कीं।

By Udaipurviews

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