ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ने जारी की स्थानान्तरण नीति

उदयपुर। पंचायती राज में कार्यरत कर्मचारियो ंको विशेष परिस्थितियों में उनके अनुरोध पर जिले से बाहर स्थानांतरित करने के संबंध में राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना के क्रम में आखिर बहुप्रतीक्षित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज स्थानांतरण नीति शुक्रवार को जारी कर दी।
स्थानांतरण नीति अनुसार राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा गठित है तथा भर्ती जिलेवार किए जाने का प्रावधान है जिसमें कर्मचारियों को उस जिले से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा जिसमें उन्हें नियुक्त किया गया था। इसमें संशोन के उपरांत कर्मचारियों की अपरिहार्य परिस्थति में स्थानांतरण की आवश्यकता होने से राज्य सरकार द्वज्ञरा अंतर्जिला स्थानांतरण का शिथिलन प्रदान किए जाने की स्थिति में अग्रिम कार्यवाही के लिए स्थानांतरण नीति निर्धारित की है। वरीयता क्रम में मेडिकल बोर्ड या सक्षम स्तर द्वारा प्रमाणित असाध्य रोग से ग्रसित कार्मिक, उनके पति या पत्नी, अविवाहित होने की स्थिति में उनके माता पिता अथवा उनके स्वयं की जाईन्दा संतति जैसे प्रकरण पर स्थानांतरण के लिए विचार किया जाएगा। इसके अलावा अपना कार्य स्वयं करने में सामान्यत: अक्षम (70 प्रतिशत से अधिक प्रमाणित निशक्तता), विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं, पति अन्य जिले में राजकीय पद पर होने पर तथा राज्य सरकार के द्वारा प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण वांछनीय माने जाने वाले जैसे प्रकरणों में स्थानांतरण को वरीयता के क्रम मे ंरखा गया है। स्थानांतरण नीति के अनुसार इन वरीयता में भी अंतर्जिला स्थानांतरण से पहले यह अनिवार्य होगा कि जिस जिले में स्थानांतरणपर विचार किया जाएगा वहां श्रेणीवार कार्मिक के संवर्ग एवं श्रेणीवार स्पष्ट रिक्त पद उपलब्ध है या नहीं। अनुसूचित क्षेत्र के कार्मिकों का अंतर्जिला स्थानांतरण अनुसूचित क्षेत्र में ही होगा। स्थानांतरण के बाद कोई अतिरिक्त मांग नहीं करने का वचनबद्ध पत्र देना होगा। वरिष्ठता सूची राज्य स्तर पर बनी होने से वरिष्ठता राज्य स्तरीय सूची अनुरुप होगी। इस नीति के तहत किए गए स्थानांतरण स्वैच्छिक आधार पर होने से कर्मचारी को यात्रा-भत्ता, कार्यग्रहण काल अथवा स्थानांतरण पर मिलने वाला कोई परिलाभ देय नहीं होगा। जिले में निर्धारित श्रेणी की रिक्तियों के लिए संबंधित जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से ली गई सूचना के आधार पर स्थानांतरण या पदस्थापन किया जाएगा। यही नहीं कार्मिक वर्तमान पदस्थापन स्थान पर न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद ही अंतर्जिला स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेगा। कार्मिकों की एसएसओ आईडी के माध्यम से ही स्थानांतरण या पदस्थापन के लिए आॅनलाईन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि स्थानांतरण या पदस्थापन आदेश राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण पर प्रतिबंध हटने पर ही जारी होंगे।

By Udaipurviews

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