राजस्थानी सिनेमा को मिली नई उड़ानः उदयपुर में मायड़ ओटीटी लॉन्च, ‘वडल्या हिंदवा’ का प्रीमियर और ऐतिहासिक एक्टिंग वर्कशॉप संपन्न

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान के क्षेत्रीय सिनेमा और डिजिटल मनोरंजन जगत के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। मायड़ स्टूडियोज़ द्वारा उदयपुर में आयोजित एक दिवसीय भव्य एक्टिंग वर्कशॉप में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब 100 युवा कलाकारों ने भाग लेकर अभिनय की बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी अवसर पर राजस्थान का नया मायड़ व्ज्ज् ऐप लॉन्च किया गया तथा बहुप्रतीक्षित राजस्थानी फिल्म ‘वडल्या हिंदवा’ का डिजिटल प्रीमियर भी किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को भरतमुनि के नाट्यशास्त्र के आधार पर अभिनय के चार प्रमुख आयाम,आंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्विक अभिनयकृका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही बॉडी लैंग्वेज, भावाभिव्यक्ति, मंच एवं कैमरा अभिनय, संवाद अदायगी, ऑडिशन तकनीक, आत्म-परिचय, व्यक्तित्व विकास और पेशेवर अभिनय की बारीकियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मार्गदर्शन किया।
मायड़ स्टूडियोज़ के संस्थापक, लेखक एवं निर्देशक डी.पी. सिंह बासनी ने कहा कि मायड़ का उद्देश्य केवल एक ओटीटी प्लेटफॉर्म तैयार करना नहीं, बल्कि राजस्थान की भाषा, संस्कृति, लोककला और उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि यह मंच प्रदेश के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और फिल्म, वेब सीरीज तथा डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में थिएटर कलाकार दीपक दीक्षित, स्किल डेवलपमेंट एवं इमेज बिल्डिंग विशेषज्ञ सुबास्तो दक्ष पांडे, अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना टीना राठौर, अभिनेत्री प्रिया शर्मा, अभिनेता एवं इन्फ्लुएंसर अभी सोनी, उद्योगपति मुकेश माधवानी सहित मायड़ स्टूडियोज़ की पूरी टीम उपस्थित रही। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का सबसे यादगार क्षण उस समय आया जब सभी अतिथियों और प्रतिभागियों की उपस्थिति में मायड़ व्ज्ज् ऐप का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राजस्थानी फिल्म ‘वडल्या हिंदवा’ का डिजिटल प्रीमियर हुआ, जिसका उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गूंज के साथ स्वागत किया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने मायड़ स्टूडियोज़ की इस पहल को राजस्थान के फिल्म उद्योग के लिए एक नई शुरुआत बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की। आयोजकों ने भविष्य में भी प्रदेश के विभिन्न शहरों में अभिनय कार्यशालाएं, ऑडिशन और फिल्म निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
राजस्थानी भाषा, संस्कृति और सिनेमा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में मायड़ स्टूडियोज़ की यह पहल प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए नई उम्मीद और नए अवसरों का द्वार खोलने वाली ऐतिहासिक शुरुआत मानी जा रही है।

By Udaipurviews

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