उदयपुर। हाल ही में कोटड़ा क्षैत्र भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत मामेर, महाद, सावन क्यारा, गुरा, तिलखा, बाखेल, उमरिया के एवं इनके आसपास की पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों द्वारा सांसद अर्जुनलाल मीणा को यह अवगत कराया कि इन ग्राम पंचायतों मेें 100 प्रतिशत आदिवासी जनजाति परिवार निवासरत हैं। इनके यहाॅ पर सामुदायिक वनाधिकार पट्टे एवं वनाधिकार पट्टे कई समय से लम्बित हैं। सामुदायिक पट्टे नहीं बनने से इन ग्राम पचायतो में मोबाईल टावर स्थापित करना, सार्वजनिक शोचालयों का निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण इत्यादि जनउपयोगी कार्य समय पर पूर्ण नहीं होते हैं। साथ ही इन पंचायतों का क्षैत्र वन अभ्यारण क्षैत्र के परिधिय क्षैत्र में होने से बिजली के पोल स्थापित नहीं हो पाते हैं। वहीं सड़को का निर्माण भी नहीं हो पा रहा हैं।
इस संबध में आज जिला कलक्टर उदयपुर से कोटड़ा क्षैत्र के विकास हेतु चर्चा की साथ ही जिला कलक्टर द्वारा वन अम्भयारण क्षैत्र से विकास में आ रही समस्याओं के निवारण हेतु मुख्य वनसंरक्षक वन्य जीव उदयपुर को भी इस संबध में निर्देशित किया गया। ताकि कोटड़ा के सुदुर आदिवासी क्षैत्र की इन पंचायतो का समग्र विकास हो सके।
सांसद मीणा ने की कलकटर से कोटडा विकास पर चर्चा
