देश पहले, स्वर्ण बाद में : श्री रोहित गोपाल सूत जी महाराज
मंदिर देशवासियों की धरोहर, जरूरत पड़ने पर आएंगे काम
संकट की घड़ी में देश के साथ हैं हम: रोहित गोपाल भैया
चित्तौड़गढ़: अमेरिका—ईरान युद्ध के चलते प्रधानमंत्री मोदी की सोना ना खरीदने की नसीहत से से प्रेरित होकर मेवाड़ धर्मप्रमुख श्री रोहित गोपाल सूत जी महाराज ने चित्तौड़गढ़ के निर्माणाधीन मन्दिर बद्रीनाथ धाम के श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित स्वर्ण को राष्ट्रपति को सौंपने की घोषणा की है। बता दें मेवाड़ धर्म प्रमुख राष्ट्रहित में लिया गया ये कोई पहला निर्णय नहीं है, अपितु इससे पहले भी वे कोरोना काल में मंदिर क्षेत्र के आस—पास स्थित दर्जनभर गांवों के भोजन, राशन एवं दवा की व्यवस्था करने जैसे सेवाकार्य कर चुके हैं। मेवाड़ धर्म प्रमुख ने बताया कि श्री राजयोगी मेवाड़ मठ स्वयंभू माँ कामाख्या मंदिर बद्रीनाथ ध्यान मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए स्वर्ण को राष्ट्रहित में राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग देश और जनता के हित में किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश संकट की स्थिति में हो तो मंदिरों की संपत्ति भी राष्ट्रसेवा में लगनी चाहिए।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालात के बीच देश में आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी सतर्कता का माहौल दिखाई दे रहा है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से अनावश्यक रूप से सोना नहीं खरीदने की अपील किए जाने के बाद मेवाड़ धर्मप्रमुख श्री रोहित गोपाल सूत जी महाराज ने संत समाज और धार्मिक संगठनों को राष्ट्रहित में आगे आने का आह्वान किया है।
मेवाड़ धर्म प्रमुख रोहित गोपाल भैया ने प्रधानमंत्री के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि जब देश कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा हो, तब प्रत्येक नागरिक, संस्था और धार्मिक संगठन का कर्तव्य बनता है कि वह राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा रहे। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें, फिजूल खर्च से बचें और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उनके इस संदेश को संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।
