उदयपुर, 12 अगस्त। तुलसी निकेतन रेजिडेंशियल स्कूल एवं माइनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (डम्।प्), उदयपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पौधारोपण कार्यक्रम एवं ‘प्लांटेशन के पर्यावरणीय प्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के तहत 300 हेज, 100 क्रोटन और 20 बोतल पाम सहित कुल 420 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत सर्किल (ठैछस् चैराहा) पर पौधारोपण के साथ हुआ। इसमें तुलसी निकेतन रेजिडेंशियल स्कूल के विद्यार्थियों और एमईएआई के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके बाद तुलसी निकेतन रेजिडेंशियल स्कूल परिसर में संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में तुलसी निकेतन रेजीडेन्शियल स्कूल के चेयरमैन एवं एमईएआई उदयपुर के संरक्षक अरुण कुमार कोठारी ने अतिथियों का स्वागत किया।
एमईएआई उदयपुर के सचिव डॉ. हितांशु कौशल ने पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और सतत विकास में पौधारोपण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि सुनील चिदरी, आईएफएस क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक तथा विशिष्ट अतिथि आर.के. जैन, आईएफएस सेवानिवृत्त चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं आमजन से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एमईएआई उदयपुर के वरिष्ठ सदस्य वाई.सी. गुप्ता, डॉ. एस.के. वशिष्ठ, डॉ. अनुपम भटनागर, मनीष मेहता सहित अन्य गणमान्य सदस्य एवं विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ हरित और सतत भविष्य के निर्माण के लिए जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश, 420 पौधे रोपे
