देने पहुँचा प्रतिनिधि मंडल, कुलपति ने हठधर्मिता अपनाते हुए छात्रों से मिलने से किया इंकार
उदयपुर.मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कुलपति को विभिन्न मांगों के लिए प्रतिनिधि मंडल ज्ञापन देने के लिए बुधवार को प्रशासनिक भवन पहुंचे। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि छात्रों द्वारा कई घंटे तक नारेबाजी करने के बावजूद कुलपति ने छात्रों से मिलने के लिए साफ इनकार कर दिया। तीन से चार घंटे नारेबाजी के बावजूद कुलपति ने अपनी हठधर्मिता अपनाते हुए छात्रों से मिलने के लिए इंकार कर दिया। बाद में मजबूरन कुछ छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में बुलाया गया एवं उन छात्रों की मांगों को सुना गया। विश्वविद्यालय में पीएचडी के शोधार्थियों के लिए विस्तार की 100 के लगभग आवेदन प्रशासन को प्राप्त हुए परंतु अभी तक प्रशासन द्वारा शोधार्थियों के हित में नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गयी। कई शोधकर्ता मानसिक तनाव में है परंतु विश्वविद्यालय अपनी हठधर्मिता अपनाते हुए शोधकर्ताओं के साथ अन्याय कर रहा है। इसके अलावा बीए प्रथम वर्ष प्रथम सेमेस्टर स्वयंपाठी छात्रों की परीक्षा की तिथियां के संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है सत्र पूर्ण रूप से समाप्ति पर है परंतु अभी तक इन छात्रों के प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाओं के संबंध में प्रशासन की कोई भी नीति दिखती हुई नजर नहीं आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह सबसे बड़ी विफलता है वह छात्रों के 1 वर्ष को खराब करने जा रही है। नेहरू छात्रावास के पीछे की जमीन को निशुल्क नहीं देने के संबंध में चेतावनी भी दी गई। इन महत्वपूर्ण मांगों को लेकर छात्रों द्वारा आज प्रशासन के समक्ष प्रदर्शन किया जा रहा था परंतु कुलपति ने छात्रों को लगभग 4 घंटे तक सचिवालय के बाहर खड़ा रखा एवं अपने आप को ताले में बंद कर लिया। कुलपति का यह व्यवहार छात्रों के लिए पूर्ण रूप से अशोभनीय है। इस संबंध में महामहिम राज्यपाल को भी पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि भविष्य में विश्वविद्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए छात्र आपको अर्थात महामहिम राज्यपाल महोदय को ज्ञापन देंगे क्योंकि विश्वविद्यालय के कुलपति छात्रों से मिलना पसंद नहीं करते है। आंदोलन के समय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़, छात्र नेता समीर मेघवाल, महासचिव गोमाराम जाट सहित कई अनेक छात्र मौजूद थे।
