उदयपुर। श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार को अभिजित मुहुर्त में आशुतोष भगवान महाकाल का श्रीविग्रह अर्धनारीश्वर स्वरूप में रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर पधारेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि इस महोत्सव के लिए श्रावण महोत्सव समिति द्वारा सभी तैयारियाँ पूर्ण की जा चुकी है। इस वर्ष देवदण्ड दर्शन यात्रा विशेष आकर्षण का केन्द्र होगी प्रभु महाकाल की शाही सवारी में इस वर्ष 70 झांकियां सम्मिलित होगी। बीएस कानावत ने बताया कि इन झांकियों में प्रमुख रूप से सर्वप्रथम महाकाल की विजय पताका जिस पर नन्दी विराजमान, नन्दी पर सवार महादेव व सिंह पर सवार मां पार्वती अपने पुत्र कार्तिकेय व विघ्नहर्ता श्री गणेश व मां महाकाली शिवारूढ़ व भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करती अन्नपूर्णा की होगी। इसी के साथ 5 नन्दी व 6 गौमाता अपने वत्स के साथ, हाथी, घोड़े, व 11 रजत पालकी होगी। श्रावण महोत्सव समिति के रमाकान्त अजारिया ने बताया कि ने बताया कि इनोवा कारों पर प्रभु एकलिंगनाथ, मां ललिता, अम्बा, गोपाल, महामृत्युंजय यंत्र, श्रीयंत्र की पालकियां स्थापित की जायेगी। गोल्फ कारों में 6ग4 की बहुमूल्य तस्वीर जो महाकाल की जटा में भव्य शिव बारात भगवान शिव व विष्णु द्वारा त्रिशुल व सुदर्शन चक्र का परस्पर आदान प्रदान, अर्धनारीश्वर स्परूप व शिव परिवार की स्वरूप सुन्दर आयल पेन्ट में तैयार चित्रों के साथ विन्टेज कार में प्रभु श्रीनाथ का मंगला स्वरूप दर्शन इस शाही सवारी मे मुख्य आकर्षण का केन्द्र होगा। श्रावण महोत्सव समिति के पुरूषोत्तम जीनगर ने बताया कि प्रभु महाकाल की शाही सवारी में मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम, प्रभु हनुमान सहित शाही सवारी की शोभा बढायेंगे। इस शाही सवारी में सृष्टि के रचियता विश्वकर्मा व भगवान परशुराम परम शिवभक्त देहदानी महर्षि दधीचि की झांकी आकर्षण का केन्द्र होगी। शाही सवारी में आदियोगी शिव, दण्डनायक यम व ध्यानयोगी महादेव 11 घोड़े के साथ शाही सवारी में पधारेंगे। इस शाही सवारी को भव्यता प्रदान करने हेतु पूरे शहर के वातावरण की शुद्धि हेतु औषधी युक्त हवन सामग्री से हवनात्मक लघु रूद्र पाठ शाही सवारी के साथ पूरे शहर की शोभा बढ़ाएगा। मंदिर प्रशासनिक अधिकारी दीक्षा भार्गव ने बताया कि प्रभु महाकाल श्रीविग्रह अभिजित मुहुर्त में दोपहर 12.15 बजे मंदिर के मुख्य सभागार में विप्र समाज द्वारा महाआरती की जावेगी आरती के बाद शाही लवाज़में के साथ गर्भ गृह के मूल स्वरूप के दर्शन कर मंदिर सभागार के उत्तरी द्वार से मंदिर के सम्मुख स्थित गुफा से होकर गंगा घाट मार्ग पर पहॅंच कर नगर भ्रमण हेतु पूर्वी भाग से प्रस्थान करेंगे। शाही सवारी के मार्ग में सबसे आगे गौमूत्र छिड़काव होगा एवं भक्तों द्वारा प्रभु के मार्ग की सफाई करते हुए फतहसागर मार्ग से श्री महाकाल नगरभ्रमण हेतु प्रस्थान करेंगे। शाही सवारी स्वरूप सागर का दृश्यावलोकन कर शिक्षा भवन चैराहा पर प्रभु की रजत पालकी का स्वागत उनके परम शिष्य शनि महाराज की अगुवाई में पहाड़ी टैक्सी स्टेण्ड पर परस्पर पूजन स्तवन व भेंट की रस्म अदा की जाएगी। यहां से महाकाल शाही सवारी चेतक मार्ग से नगर भ्रमण हेतु प्रवेश करेगी जहां पर विभिन्न समाज, संस्थान सहित कई समाज जनों द्वारा विशेष स्वागत किया जायेगा। हाथीपोल स्थित महाकाली मंदिर प्रांगण के सम्मुख भाग पर विशाल मंच बनाया गया जहां पर महाकाल व महाकाली का परस्पर मिलन पूजन स्तवन हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। शाही सवारी के पूरे मार्ग में लोककला व संस्कृति से जुड़ी झांकियां विशेष आकर्षण रहेगी। इस वर्ष शाही सवारी में सम्मिलित 18 फिट ऊॅंचाई की झांकियां सम्मिलित की गई है। मनोज कटारिया ने बताया कि शाही सवारी को भव्यतम रूप प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कलाकारों द्वारा आकर्षक वेशभूषा एवं विभिन्न झांकियों के साथ मनोरम प्रस्तुति दी जाएगी। मंदिर प्रबंधक हेमन्त दाधीच ने बताया कि शाही सवारी अपने निर्धारित मार्ग हाथीपोल से मोती चौहट्टा होते हुए जगदीश मन्दिर चैक पर हरि और हर का अद्भुत मिलन होगा जिसमें हरि द्वारा हर की शिव नामावली व श्वेत कमल से विशेष पूजन स्तवन किया जाएगा। श्री महाकाल मंदिर के 29 वें शिला स्थापना दिवस के उपलक्ष में सायंकाल 5 बजे मंदिर परिसर में आयोजित भव्य महाप्रसादी आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। समस्त व्यवस्थाएं तेज शंकर पालीवाल, के.जी. पालीवाल, पुरूषोत्तम जीनगर, कमल चौहान, जतिन द्वारा संभाली जायेगी।
श्री महाकालेश्वर के नगर भ्रमण के अवसर पर यूं रहेगी यातायात व डायवर्जन व्यवस्था
शहर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उदयपुर शहर में सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर उदयपुर द्वारा 24 अगस्त को भगवान महाकालेश्वर के नगर भ्रमण के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नगर भ्रमण के मार्ग पर विशेष यातायात व डायवर्जन व्यवस्था रहेगी। एएसपी सिटी उमेश ओझा ने बताया कि उक्त नगर भ्रमण कार्यक्रम निकलने के दौरान शनि देवजी मन्दिर, चेटक सर्कल, महाकाली मन्दिर हाथीपोल, जगदीश मन्दिर जगदीश चैक, गणेश मन्दिर, जाडा गणेश जी अम्बामाता मन्दिर पर महाआरती का आयोजन होने से काफी संख्या मे भक्त जनो के एकत्रित होने की सम्भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रूप बनाए रखनें के लिए 24 अगस्त को यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबन्ध किए गए है। दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक रंग निवास से भट्टियाणी चैहट्टा होकर जगदीश चौक की तरफ, चांदपोल से घडीया देवरा होकर जगदीश चैक की तरफ, हाथीपोल हरबनजी का खुर्रा मोती चैहट्ा होकर घण्टाघर की तरफ, बड़ा बाजार होकर घण्टाघर की तरफ, ब्रहम्पोल से जाडा गणेश जी ,चांदपोल तरफ, जाटवाडी से चांदपोल की तरफ, राडाजी चैराहा से अम्बामाता मन्दिर अम्बापोल की तरफ समस्त प्रकार के वाहनों को प्रवेश निषेध रहेगा। वहीं झाडोल मार्ग से मल्लातलाई होते हुये आने वाले वाहनो की यातायात व्यवस्था महाकालेश्वर, चौराहे से रानी रोड देवाली फतहपुरा चैराहा होते हुये आ-जा सकेेगें। देहली गेट से हाथीपोल एवं कोर्ट चैराहे से चेतक सर्कल जाने वाले वाहनो का शाही सवारी यात्रा के दौरान प्रवेश निषेध रहेगा। शाही सवारी यात्रा मे सम्मलित होने वाले सभी प्रकार के वाहनो की पार्किग व्यवस्था रानी रोड पर एक तरफ रहेगी। एम्बुलेंस, फायरब्रिगेड व अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए उपरोक्त व्यवस्था लागु नहीं है। शोभा यात्रा के मार्ग के आस-पास समस्त प्रकार के वाहनों की पार्किग निषेध रहेगी। सभी व्यापारियों/आमजन से अनुरोध है कि मुख्य सड़क पर किसी भी प्रकार का वाहन पार्क नही करे एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने मे यातायात पुलिस का पूर्ण सहयोग करे।
ठाठ से निकलेगी महाकाल की शाही सवारी व देवदंड दर्शन यात्रा
