डॉ. सुरेंद्र मुनि ने श्रीकृष्ण के जीवन से गुणग्राहकर्ता और माता-पिता की सेवा की प्रेरणा दी
उदयपुर। जैनाचार्य श्री देवेंद्र पब्लिक स्कूल, देवेंद्र धाम में जन्माष्टमी पर्व हर्षाेल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नन्हे-मुन्ने बच्चे श्रीकृष्ण और राधा रानी के मनमोहक रूप में सज-धजकर स्कूल पहुंचे। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
स्कूल की कार्यकारिणी अध्यक्ष रजनी वीरेंद्र डांगी एवं व्यवस्थापिका संगीता वर्डिया ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने बच्चों एवं शिक्षकों को श्रीकृष्ण के जीवन से गुणग्राहकता, कर्तव्यनिष्ठा तथा माता-पिता की सेवा की प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
मुनिश्री ने कहा कि जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान अरिष्टनेमिनाथ के चचेरे भाई श्रीकृष्ण महाराज लीलाधारी होने के साथ-साथ मर्यादा के पालक भी थे। उन्होंने महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में जब अर्जुन अपने सामने स्वजनों को देखकर युद्ध से पीछे हटने लगे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा दी। जीवन में भी व्यक्ति को परिस्थितियों से विचलित हुए बिना अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम में बच्चों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित मनमोहक नाटिका, नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी का मन मोह लिया। स्कूल स्टाफ की मोनिका लोढ़ा, अंजू गोखरू, रीना चौधरी एवं साक्षी कुमावत ने बताया कि बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
युवक परिषद अध्यक्ष निर्मल गोखरू ने मंगल भावना व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को पाठ्य सामग्री एवं चॉकलेट वितरित की गई। जन्माष्टमी उत्सव ने बच्चों में धार्मिक संस्कारों के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति रुचि एवं उत्साह का संचार किया।
कान्हा के रंग में रंगा जैनाचार्य श्री देवेंद्र पब्लिक स्कूल, नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण-राधा बन मनाया जन्माष्टमी पर्व
