संस्कृति चेतना यात्रा से गूंजा उदयपुर, जयघोषों से  संस्कृतमय हुआ शहर

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और जन-जागरण का दिया संदेश
उदयपुर। संस्कृत के प्रति जनचेतना एवं जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से संस्कृतभारती द्वारा संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत भव्य संस्कृति चेतना यात्रा (शोभायात्रा) का आयोजन किया गया। संस्कृत के जयघोषों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से यात्रा के मार्ग में संस्कृतमय वातावरण बन गया।
संस्कृति चेतना यात्रा निंबार्क महाविद्यालय से प्रारंभ होकर सूरजपोल चौराहा, जिनिरेत, धानमंडी, देहली गेट एवं बापू बाजार होते हुए पुनः निंबार्क महाविद्यालय पहुंची। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के महत्व, भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत के संरक्षण-संवर्धन का संदेश देते हुए विभिन्न संस्कृत उद्घोषों से वातावरण को गुंजायमान किया।
कार्यक्रम में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो कैलाश डागा, वरिष्ठ प्रचारक व राष्ट्रीय धर्म जागरण परियोजना प्रमुख अरुण कांत एवं संस्कृत संभागीय शिक्षा अधिकारी डॉ. भगवती शंकर व्यास, सुखाड़िया विश्वविद्यालय के डीन पीजी व संस्कृत विभाग अध्यक्ष प्रो नीरज शर्मा तथा प्रताप गौरव केंद्र समिति  से अशोक पुरोहित आदि भगवा पताका दिखाकर रेैली को रवाना किया ।
अतिथियों ने संस्कृति चेतना यात्रा को संस्कृत के प्रति समाज में जागरूकता और नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
यात्रा में निंबार्क एसटीसी महाविद्यालय, विद्या भवन रामगिरी शिक्षण सस्थान, सेंट जोसेफ, आलोक-पंचवटी सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों की अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
संस्कृतभारती की ओर से नरेंद्र शर्मा, दुष्यंत नागदा, श्रीयांश कंसारा, चैन शंकर दशोरा, डॉ. दुर्गा कुमावत, गौरव साहू, डॉ रेनू पालीवाल एवं मीनाक्षी द्विवेदी सहित कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। निंबार्क एसटीसी से पंकज पारीक, वर्षा भनावत भी यात्रा में उपस्थित रहे।
संस्कृति चेतना यात्रा के माध्यम से संस्कृत को केवल प्राचीन भाषा के रूप में देखने के बजाय उसे भारतीय ज्ञान, संस्कृति, परंपरा और आधुनिक समय में उपयोगी भाषा के रूप में समाज के सामने प्रस्तुत करने का संदेश दिया गया। यात्रा ने उदयपुरवासियों में संस्कृत के प्रति उत्सुकता और सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया।
By Udaipurviews

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