झामरकोटड़ा माइंस बनी विद्यार्थियों के लिए ‘खनन की पाठशाला’

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एमईएआई उदयपुर चैप्टर की पहल से 125 से अधिक माइनिंग विद्यार्थियों ने जाना आधुनिक ओपनकास्ट खनन का पूरा तंत्र
उदयपुर। द माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर, उदयपुर की पहल पर सीटीएई उदयपुर और पेसिफिक कॉलेज के 125 से अधिक माइनिंग इंजीनियरिंग विद्यार्थियों ने राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड की झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट माइंस का तकनीकी भ्रमण किया। इस दौरान राजस्थान सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग (क्डळ) के नव नियुक्त सहायक खनन अभियंता भी विद्यार्थियों के साथ शामिल हुए।
तकनीकी भ्रमण के लिए विद्यार्थियों के दल को एमईएआई राजस्थान चैप्टर, उदयपुर के चेयरमैन महेश माथुर एवं सीटीएई के डीन विनोद यादव की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
एमईएआई उदयपुर चैप्टर के सचिव डॉ. हितांशु कौशल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक खनन परिस्थितियों, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और उद्योग की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना है। उन्होंने कहा कि एमईएआई का सीटीएई में सक्रिय स्टूडेंट चैप्टर है और पैसिफिक कॉलेज के साथ भी शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों में सहभागिता की जा रही है।
झामरकोटड़ा पहुंचने पर आरएसएमएमलि के माइन मैनेजर दुर्गेश जोशी ने वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में विद्यार्थियों एवं नव नियुक्त अभियंताओं को विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने आरएसएमएमलि के इतिहास, झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट निक्षेप, खनन एवं उत्पादन प्रक्रिया, देश में रॉक फॉस्फेट के महत्व तथा खदान में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की जानकारी दी।
पूरे फील्ड विजिट का नेतृत्व एवं समन्वयक एमईएआई उदयपुर चैप्टर के उपाध्यक्ष आसिफ एम. अंसारी ने किया। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में सीटीएई के विक्रम सिरवी तथा पैसिफिक कॉलेज के हेमंत वैष्णव ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
एमईएआई के पूर्व चेयरमैन एम. एस. पालीवाल ने विद्यार्थियों को झामरकोटड़ा खदान की विशेषताओं एवं वैज्ञानिक खनन पद्धतियों से अवगत कराया। इसके बाद विद्यार्थियों ने खदान क्षेत्र में पहुंचकर ओपन-पिट माइनिंग ऑपरेशन, भारी खनन मशीनरी, बेंच निर्माण, उत्पादन व्यवस्था और खान सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सीएसआर गतिविधियों के महत्व की जानकारी दी गई।
तकनीकी भ्रमण के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें एमईएआई उदयपुर चैप्टर के उपाध्यक्ष आसिफ एम. अंसारी, सचिव डॉ. हितांशु कौशल एवं पूर्व चेयरमैन एम. एस. पालीवाल सहित अन्य सदस्यों ने पौधारोपण किया।
डॉ. कौशल ने कहा कि अकादमिक शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनाना,एमईएआई की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। विद्यार्थियों को खदानों एवं उद्योगों का प्रत्यक्ष अनुभव देकर उन्हें अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष और जिम्मेदार खनन पेशेवर के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

By Udaipurviews

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