पहली बार शिकायत पर तीन गुना तक वसूली, दूसरी बार निलंबन के साथ पुलिस केस भी
-सुभाष शर्मा
उदयपुर। अब आरजीएचएस में अनियमितता लाभार्थी को जेल की हवा खिला सकती है। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग ने अब रहम की जगह सजा का प्रावधान तय किया है। अभी तक अनियमितताएं पकड़े जाने पर नुकसान हुई राशि की वसूली का प्रावधान था, किन्तु अब ऐसा नहीं चलेगा। जबकि अब निलम्बन के साथ पुलिस केस दर्ज कराकर सजा दिलाए जाने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इस संबंध में राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की निदेशक कल्पना अग्रवाल ने आदेश जारी किए हैं।
विभाग के जारी परिपत्र —9 के अनुसार निजी अनुमोदित अस्पतालों के नियम विरूद्ध कार्रवाई के संबंध में कार्रवाई की तय की गई है। जिसमें अनुमोदित निजी चिकित्सालय द्वारा लाभार्थी से अनुचित रूप से नकद या एडवांश रूप से राशि प्राप्त करने पर प्रथम कार्रवाई के तहत लाभार्थी को मूल बिल या प्राप्ति के आधार पर मूल राशि 18 फीसदी ब्याज सहित रिफण्ड करने के साथ तीन गुना तक नुकसान की भरपाई तय किया गया है। जबकि दूसरी कार्रवाई के तहत अनुचित लाभ लेने वाले का निलम्बन किए जाने के साथ्ज्ञ उसका ट्रांजेक्शन सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। विभाग ने तय किया है कि पहली बार शिकायत आने पर जारी राशि 18 फीसदी ब्याज सहित तीन गुना तक वसूली जाएगी। वहीं दूसरी बार शिकायत मिली तो निलंबन के साथ ट्रांजेक्शन सिस्टम पर रोक के साथ विधिक कार्रवाई भी होगी, जिसमें लाभार्थी को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
अनुमोदित निजी चिकित्सालय के बिना दवा, उपचार के कूट रचित बिल प्रस्तुत किए जाने पर ऐसे दावों को खारिज कर भुगतान किए जाने की स्थिति पर संपूर्ण राशि अठारह फीसदी ब्याज सहित वसूली जाएगी। वहीं प्रस्तुत दावों की तीन गुना राशि वसूली जाएगी। जबकि दूसरी बार मामला सामने आने पर निलंबन के साथ ट्रांजेक्शन सिस्टम बंद किए जाने के साथ आईपीसी 1860 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सकेगा।
इसी तरह अपकोडिंग एवं अपबाउडिंग पैकेज या अनावश्यक पैकेज सूचीबद्ध कएि जाने पर ऐसे दावों को अस्वीकृत कर दिया जाएगा। भुगतान की स्थिति में तीन गुना वसूली के साथ दूसरी बार शिकायत मिलने पर निलंबन तथा ट्रांजेक्शन सिस्टम पर रोक लगाए जाने के साथ विधिक कार्रवाई भी की जा सकेगी। वहीं, आरजीएचएस की गुणवत्ता एवं सेवा मानकों का पालन नहीं किए जाने पर पहली शिकायत पर 14 दिन की चेतावनी तथा दूसरी बार शिकायत पर निलंबन के साथ ट्रांजेक्शन सिस्टम बंद कर दिया जाएगा।
निजी दवा दुकानों तथा फार्मा स्टोर्स पर भी होगी कार्रवाई
विभाग ने अनुमोदित निजी अस्पताल की तरह निजी दवा दुकानों तथा फार्मा स्टोर्स पर कार्रवाई का प्रावधान तय किया है। जिसमें आरजीएचएस लाभार्थी से अनुचित रूप से नकद या एडवांस राशि प्राप्त करने या बिना दवा या उपकार के कूट रचित बिल प्रस्तुत किए जाने पर पहली शिकायत पर दावे की राशि अठारह प्रतिशत ब्याज तक वसूली जाने से लेकर दोगुनी तक राशि वसूली की जा सकेगी। वहीं दूसरी शिकायत मिलने पर निलंबन के साथ उसका ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम बंद किया जा सकेगा। इसी तरह आरजीएचएस लाभार्थी से साठ—गांठ कर अनुचित लाभ प्रापत करने या दवाइयों के बदले अन्य वस्तुएं देने पर उनके दावे निरस्त करने के साथ बिल के मूल्य की तीन गुना राशि ब्याज सहित वसूली जा सकेगी। दूसरी बार शिकायत मिली तो ऐसे दवा स्टोर्स या फार्मा को निलंबित कर उसका ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। साथ ही आरजीएचएस लाभार्थी तथा दावाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 191, 405, 406, 420, 467 और 170 बी के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा।
जबकि आरजीएयव की गुणवत्ता एवं सेवा मानकों का पालन नहीं किए जाने की पहली शिकायत पर 14 दिन की चेतावनी तथा दूसरी शिकायत पर निलम्बन के साथ उसके ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम को बंद कर दिया जाएगा।
लाभार्थी कर्मचारी तथा पेंशनधारकों को लेकर बनाए नए प्रावधान
विभाग ने आरजीएचएस लाभार्थी, कार्ड धारक सेवारत कार्मिक तथा पेंशनर्स के अनियमितता करने पर उनके खिलाफ भी नियम बनाए हैं। जिसके तहत सेवारत कर्मचारी या पेंशनर्स के अस्पताल या फार्मा स्टोर से साठ—गांठ कर अनुचित लाभ प्राप्त करने या फार्मा स्टोर से दवाइयों के बदले घरेलु या खाद्य या अन्य वस्तुएं लेने की पहली शिकायत पर लाभ की राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। वहीं उसका आरजीएचएस कार्ड अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। नियोक्ता विभाग को उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। यदि दूसरी शिकायत मिली तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 191, 405, 406, 420, 467 और 170 बी के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। इस तरह अस्पताल संचालक, दवा स्टेार्स, फार्मा स्टोर संचालक ही नहीं, बल्कि आरजीएचएस लाभार्थी के दूसरी बार अनियमितता करने पर उसेे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
राजस्थान में आरजीएचएस में अनियमितता खिला सकती है जेल की हवा
