-सद्गुरु शैलेश संत कुमार ब्रिजवानी के सान्निध्य में उमड़ा जनसैलाब
-श्रद्धालुओं ने लिया गुरु कृपा का आशीर्वाद
उदयपुर। आध्यात्मिक चेतना, अटूट श्रद्धा और गुरु-शिष्य परंपरा के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन आज शक्तिनगर स्थित बिलोचिस्तान भवन में अत्यंत हर्षाल्लास और भक्तिमय माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परम पूज्य सद्गुरु शैलेश संत कुमार भिजवानी के पावन सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव में शहरभर से हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ हुआ गुरु पूजन-कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल विद्वान पंडितों द्वारा किए गए दिव्य वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधानपूर्वक गुरु पूजन से हुआ। सद्गुरु के श्रीचरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।”गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक
सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचन के दौरान पूज्य सद्गुरु शैलेश संत कुमार ब्रिजवानी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गुरु महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
– “भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु महज़ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि वह तत्व हैं जो शिष्य को अज्ञान रूपी अंधकार से खींचकर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आज के भौतिकवादी युग में सद्गुरु के बताए सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु भक्ति है।”
– सत्संग के दौरान भजनों की सुरमई प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए, जिससे पूरा बिलोचिस्तान भवन गुरु भक्ति के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
भोजन प्रसादी के साथ हुआ समापन-कार्यक्रम के भव्य समापन पर भव्य भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित तरीके से प्रसादी ग्रहण की। आयोजकों और स्वयंसेवकों की बेहतरीन व्यवस्था के कारण पूरा कार्यक्रम अत्यंत सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।
गुरु जी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले महानुभावों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
